कैंसर रोग विषेशज्ञ डाॅ अर्पित जैन ने किया जटिल आॅपरेशन
अजमेर, 17 दिसम्बर( )। पैनक्रियाज़ में कैंसर से पीड़ित एक फौजी का मित्तल हाॅस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, अजमेर में सफल आॅपरेशन किया गया। कैंसर रोग विषेशज्ञ डाॅ अर्पित जैन ने रोगी की व्हिप्पल सर्जरी की। फौजी को लम्बे समय से पेट दर्द, पीलिया व खुजली की शिकायत थी। अब फौजी को सभी तकलीफों से निजात मिल गई। सोमवार को विजय दिवस( 16 दिसम्बर ) के दिन कैंसर रोग से जीत पाने के बाद फौजी को हाॅस्पिटल से भी छुट्टी दे दी गई।
डाॅ अर्पित जैन के अनुसार पैनक्रियाज़ में होने वाला कैंसर सभी कैंसरों में सबसे खराब कैंसर है। इसका आॅपरेशन काफी जटिल और समय व श्रम साध्य है। उन्होंने बताया कि इस सर्जरी में रोगी के शरीर के अन्य तीन महत्वपूर्ण अंगों स्टमक, बाइल डक्ट, पैनक्रियाज़ की डक्ट को छोटी आंत से जोड़ा जाता है। यह काफी जोखिम भरी प्रक्रिया है इसमें गहन अनुभव होना भी जरूरी है। डाॅ अर्पित ने बताया कि रोड सिंह की व्हिप्पल सर्जरी में तकरीबन आठ से दस घंटे का समय लगा। इस सर्जरी में मित्तल हाॅस्पिटल के एनेस्थीसियोलाॅजिस्ट डाॅ राजीव पाण्डे का सराहनीय योगदान रहा।
डाॅ अर्पित ने बताया कि अग्नाशय के कैंसर की वजह से पीले पानी की नली (बाइल डक्ट) दब जाती है। पीला पानी षरीर में एकत्र होने लगता है, इससे खुजली की शिकायत रहने लगती है, भूख नहीं लगती है, शरीर में कमजोरी आने लगती है।
रोगी के पुत्र नारायण सिंह ने बताया कि उनके पिता विगत छह माह से काफी परेषान थे। उनका पेट दर्द षुरू होता था तो कई घंटों तक नहीं रुकता था। पीड़ा के कारण उनका ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाया करता था। सबसे पहले मित्तल हाॅस्पिटल में गेस्ट्रोएण्ट्रोलाॅजिस्ट डाॅ मनोज कुमार ने जांच कर उनके पिता के छल्ले डाले उससे थोड़ी राहत मिली, किन्तु उनके द्वारा कराई गई जांच में ही पता चला कि उनके पेट में कैंसर की गांठ है। जिसका उपचार सिर्फ सर्जरी ही है। उनकी सलाह पर कैंसर रोग विषेशज्ञ डाॅ अर्पित जैन को दिखाया गया।
डाॅ अर्पित जैन ने बताया कि सामान्य तौर पर कैंसर रोग तम्बाकू सेवन, एल्कोहल सेवन, अव्यवस्थित खान-पान आदि के कारण होता है। मरीज आखिरी स्टेज पर डाक्टर के पास पहुंचता है। उन्होंने बताया कि फौजी रोड सिंह को कैंसर का पता आरम्भिक स्तर पर ही चल गया जिससे उनका उपचार सफलता से हो सका। डाॅ अर्पित ने बताया कि जो सर्जरी अजमेर के मित्तल हाॅस्पिटल में की गई है यह सर्जरी इससे पहले बड़े कैंसर हाॅस्पिटलों में ही संभव हुआ करती थी।
उन्होंने बताया कि कैंसर सर्जरी अजमेर के मित्तल हाॅस्पिटल में भी शिद्दत से की जा रही है।
हाल ही में मित्तल हाॅस्पिटल में ही ब्यावर के निकट रहने वाली एक ग्रामीण महिला के फूड पाइप के कैंसर का सफल उपचार किया गया। डाॅ अर्पित ने बताया कि महिला ठीक से खाना नहीं खा पा रही थी। महिला के पेट, छाती और गले से सर्जरी कर नया फूड पाइप बनाया गया। इस सर्जरी में सात से आठ घंटे लगे। महिला को अब पूरी तरह राहत है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को विजय दिवस भी है। पाकिस्तान पर भारत की विजय के रूप में यह दिवस मनाया जाता है। फौजी रोड सिंह ने सन 1971 के युद्ध में हिस्सा लिया था। तब वे ढाका में पदस्थापित थे। विजय दिवस पर ही उन्होंने अपने शरीर के कैंसर पर जीत हासिल कर ली। अब वे अपने परिवारजन के साथ खुशी खुशी हाॅस्पिटल से घर चले गए।