संभाग का एकमात्र संस्कृत महाविद्यालय एक व्याख्याता के हवाले

पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष जितेन्द्र साँखला व संयुक्त सचिव शास्त्री लोकेश शर्मा ने मेल पत्र लिखते हुए बताया कि राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय लोहागल अजमेर में विगत 1 वर्ष से 5 व्याख्याता कार्यरत है। जबकि महाविद्यालय में पूर्व से ही शिक्षकों की कमी है जिनमें इतिहास, वेद, साहित्य, व्याकरण, शारीरिक शिक्षक इत्यादि विषय के व्याख्याता नही है इसके उपरांत भी वेद के व्याख्याता रणजीत कुमार झा और व्याकरण साहित्य के व्याख्याता विनयचंद्र झा का स्थानांतरण हो गया। वाङ्ग्मय के व्याख्याता डॉ चन्द्रप्रकाश जोशी अस्वस्थ होने कारण तथा अंग्रेजी व्याख्याता अलका देश निजी कारणों से अवकाश पर है। वे व्याख्याता घनश्याम शर्मा को प्रतिनियुक्ति पर सांवर संस्कृत महाविद्यालय में लगा रखा है। जिसके चलते इस वर्ष महाविद्यालय में पढ़ाई का कोई भी कार्य नियमित रूप से नही हो पाया, केवल एक हिंदी के व्याख्याता राजेन्द्र लखावत ही कार्यरत है और साथ ही पुस्तकालय भी पुराने भवन में ही है। जिससे छात्र-छात्राओं को पुस्तके भी उपलब्ध नही हो पाई और पुस्तके उपलब्ध हुई तो भी सभी पुस्तको के अभाव में ही उपलब्ध हुई। इन सब समस्याओ को देखते हुए जितेन्द्र साँखला व शास्त्री लोकेश शर्मा ने संस्कृत शिक्षा मंत्री व संस्कृत शिक्षा निदेशक महोदय से आग्रह किया वेद व्याख्याता रणजीत कुमार झा व आचार्य व्याख्याता विनयचंद्र झा को पुनः राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय अजमेर में स्थानांतरित करने की कृपा करें। क्योंकि आगामी वार्षिक परिक्षाओं के लिए भी महाविद्यालय को कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। साथ ही समस्त विद्यार्थियों का भी मार्गदर्शन हो पायेगा।

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