
*उल्लेखनीय है कि शैलेन्द्र अग्रवाल ने 28 अप्रैल को मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत को ई मेल द्वारा पत्र भेजकर तथा मुख्यमंत्री निवास पर मैसेज नोट कराकर उन्हे अवगत कराया था कि लोकडाउन के कारण राजस्थान के ही एक दूसरे जिलों में अटके नागरिकों, व्यापारियों, नौकरी करने वाले लोगों को काफी तकलीफ हो रही है।*
*अग्रवाल ने श्री गहलोत को लिखे पत्र में अवगत कराया था कि कई महिलायें लोकडाउन से पूर्व गणगौर त्योहार सहित अन्य पारिवारिक कारणों से अपने पीहर गयी थी अब वो वापस अपने ससुराल आना चाहती है, इसके अलावा कई लोग दूसरे शहरों में व्यापार करने अथवा नौकरी करने या किसी सामाजिक या पारिवारिक कार्य हेतु गए हुए थे और अचानक लोकडाउन लग जाने के कारण वो अपने घरों पर नही पहुंच पा रहे हैं तथा एक माह से भी अधिक समय बीत जाने के कारण राज्य के ऐसे नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।*
*अग्रवाल ने मुख्यमंत्री श्री गहलोत से मांग की थी कि जिस तरह कोटा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों व प्रवासी श्रमिकों को अपने अपने जिलों में भिजवाया गया तथा अन्य राज्यों में अटके हुए लोगों को लाने के लिए कार्यवाही प्रारम्भ की गयी है इसी प्रकार राजस्थान में ही एक दूसरे जिलों में अटके हुए लोगों को अपने अपने गृहजिले में लाने के लिए भी शीघ्रताशीघ्र कार्ययोजना बनाकर ऐसे पीड़ित लोगों को राहत पहुंचायें।*
*इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री गहलोत ने संवेदनशीलता दिखाई और राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुबोध अग्रवाल ने सभी जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर ऐसे नागरिकों के पास जारी करने एवं स्वास्थ्य जांच करने संबंधी दिशा निर्देश जारी किए कर दिए हैं। शैलेन्द्र अग्रवाल ने आम नागरिकों की पीड़ा को समझकर त्वरित कार्यवाही करने के लिए मुख्यमंत्री श्री गहलोत का आभार व्यक्त किया है।*