
देवनानी ने कहा कि प्रशासन की ढ़िलाई व चूक के कारण अजमेर के मुस्लिम मोची मौहल्ला में संक्रमण तेजी से फैला जिसके कारण आज अजमेर रेड जोन में आ चुका है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विभाग व जिला प्रशासन द्वारा समय रहते मुस्लिम मोची मौहल्ला क्षेत्र में कार्यवाही की जाती तथा जनप्रतिनिधियों व आमजन की मांग पर शेल्टर होम व क्वारंटीन सेंटर शहर से बाहर शिफ्ट कर दिये जाते तो आज ऐसे हालात पैदा नहीं हो पाते तथा समस्त शहरवासियों को लाॅकडाउन की पाबंदियां नहीं झेलनी पड़ती।
देवनानी ने कोरोना संक्रमण से पीड़ित नला बाजार के दुकानदार की मौत होने पर गहरा दुःख एवं संवेदना प्रकट की। उन्होंने क्षेत्रवासियों से आग्रह किया कि वे कोरोना से बचाव के लिए सावधानी बरते तथा अपने घरों पर ही सुरक्षित रहे।
समय नहीं राजनीति का किन्तु कांग्रेसी नहीं आ रहे बाज-
विधायक देवनानी ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं है लेकिन कांगेसी नेता इससे बाज नहीं आ रहे है। संकट के इस दौर में जरूरतमंद व गरीब लोगों की सहायता करने के बजाय वे राजनीति कर रहे है। कभी भोजन सामग्री तो कभी राशन सामग्री वितरण करने के नाम ओछी राजनीति करने से नहीं चूक रहे है। प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों पर स्थानान्तरण के दबाव के साथ-साथ भामाशाहों व समाजसेवी संस्थाओं पर भी यह दबाव बनया जा रहा है कि वे जनहित के कार्य कर रहे भाजपा विधायकों का सहयोग करने के स्थान पर कांग्रेस के नेताओं के कहे अनुसार काम करे। सरकार द्वारा बीएलओं के माध्यम से बंटवाई गई राशन सामग्री में भी कांग्रेसी नेताओं ने दबाव डालकर जरूरतमंद लोगों के हिस्सों का राशन अपने चेहतों को दिलवा दिया। देवनानी ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं द्वारा उनके विधायक कोष से वितरित की जा रही राशन सामग्री में भी हस्तक्षेप करने के प्रयास किये गये।