भले ही रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स (एसएंडपी) को भारत की आर्थिक तरक्की को लेकर संदेह हो, लेकिन मूडीज का मानना है कि अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अगले साल का मौसम भारत के लिए खुशनुमा रहेगा।
दरअसल, एसएंडपी ने अनुमान लगाया है कि साल 2013 में भारत की आर्थिक विकास दर में किसी तरह की बढ़ोतरी देखने को नहीं मिलेगी। वहीं, मूडीज ने कहा है कि आने वाले समय में भारत के ऋण का बोझ हल्का हो जाएगा।
रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने मंगलवार को कहा कि मुल्क में जिस तरह से राजनीति में फिलहाल घमासान मचा हुआ है, इसे देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था को पटरी पर आने में अभी समय लगेगा। पिछली तिमाही में आर्थिक तरक्की की रफ्तार गिरी। वहीं, निवेश के मामले में भी पिछले दो साल सुस्त रहे। जुलाई-सितंबर तिमाही में आर्थिक विकास दर 5 फीसद के करीब रही। इससे वित्त वर्ष 2013 में आर्थिक ग्रोथ 5 फीसद के नीचे आने की आशंका है। अगर ऐसा होता है तो आर्थिक तरक्की के मोर्चे पर यह वित्त वर्ष इस दशक का सबसे खराब साल होगा।
एसएंडपी के मुताबिक मौजूदा सरकार के लिए आर्थिक ग्रोथ में तेजी लाना काफी मुश्किल है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में यूं ही बढ़ोतरी होती रही तो सरकार के लिए अपने टारगेट हासिल करना मुश्किल हो जाएगा।
वहीं मूडीज ने भारत की अर्थव्यवस्था पर बिल्कुल विपरीत टिप्पणी की है। मूडीज के मुताबिक कांग्रेस सरकार के मंत्रिमडंल में फेरबदल हुआ है। इससे देश में ज्यादा निवेश आने की संभावनाएं हैं। वित्त वर्ष 2013 में देश की विकास दर बढ़ सकती है।
