dr. j k gargगुरुवर टेगोर ने1915 में गांधीजी को महात्मा कह कर सम्बोधित किया वहीं 1944 में सुभाष चंद्र बोस ने सबसे पहले उन्हें राष्ट्र पिता कह कर सम्बोधित किया था जिसके बाद सभी उन्हें राष्ट्रपिता कहने लगे। 2 अक्तूबर 2020 को राष्ट्र बापूजी की 151 वीं जन्म जयंती बना रहा है | स्मरणीय है कि बापू की स्म्रति में यू.एन.ओ 2 अक्तूबर को प्रति वर्ष अहिसा ( Non Violence Day) दिवस के रूप मेंमनाता है बापूजी ने करीब एक करोड़ शब्द लिखे थे वे दोनों हाथो से लिख लेते थे, उनके लिखे करीब पचास हजार डाक्यूमेंट्स सुरक्षित हैं | बापूजी 14 मर्तबा गिरफ्तार हुये एवं छ्ह साल जेल में रहे उन्होंने अपनेजीवन में 1341 दिन उपवास किया था | “ आज के धार्मिक उन्माद के माहोल में बापू के प्रिय भजन “ रघुपति राघव राजाराम,पतित पावन सीता राम | ईश्वर अल्लाह एक ही नाम ,सबको सन्मति दे भगवान “ को हमारे आचरण में लाने की महती जरूरत है |