बेहतरीन प्रबंधन, जनकल्याणकारी योजनाओं की सफल क्रियान्विति, शराबबंदी के प्रयास व पर्यावरण संरक्षण से मिला प्रमाण पत्र
किसी ने कहा है कि भारत की आत्मा गांवों में निवास करती है, गांवों का सर्वांगीण विकास ही भारत का विकास है। राजस्थान प्रदेश की राजसमन्द जिले के भीम उपखंड की ग्राम पंचायत मण्डावर आईएसओ प्रमाणपत्र मिला है। मण्डावर आईएसओ प्रमाणित देश व प्रदेश की चुनिंदा ग्राम पंचायतों में जुड़ गई है। आईएसओ प्रमाणित ग्राम पंचायत होगी। जानकारी के अनुसार मण्डावर ग्राम पंचायत पूर्णतया शराबमुक्त घोषित है, कानूनन लड़ाई लड़ते हुए सरपंच के साथ ग्रामीणों ने वोटिंग करवाकर शराब का ठेका हटाया। इस ग्राम पंचायत मांगलिक अवसरों पर पौधे लगाने का प्रचलन भी है वही स्वच्छ भारत मिशन में बेहतरीन कार्य करने पर प्रदेश की चुनिंदा पंचायतों में शुमार है। गांव की महिला सरपंच प्यारी रावत ने सरपंच में महिला आरक्षण को हकीकत में जमीन पर उतारा है। महिलाओं में जन जागृति आई है तो अपनी बात पुरुष हो या अधिकारी सबके सामने बेबाकी से रखने लगी है। पंचायत परिसर को सुंदर बनाया गया है तथा उद्यान भी विकसित किया है। ग्राम पंचायत क्षेत्र में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की सफल क्रियान्विति की गई है। शिक्षा क्षेत्र में समय समय पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विशेष केम्प, सेमिनार , रोजगार मेला व केरियर काउंसलिंग केम्प भी लगाए जाते है। एक भी ड्राप आउट विद्यार्थी नही होने पर उजियारी पंचायत का खिताब मिल चुका है। गांव की अवस्तिथि जल विभाजक होने के कारण पानी की किल्लत से निपटने के लिये 50 से अधिक एनीकट बनवाकर पानी को सहजने का प्रयास किया गया है।
गौरतलब है ग्राम पंचायत मण्डावर के प्रत्येक क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने पर दो दर्जन से अधिक सरकारी व गैर सरकारी राष्ट्रीय व प्रदेश स्तरीय अवार्ड मिल चुके है।