dr. j k gargनेहरूजी का जन्मदिन यानि बालदिवस देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को बच्चों से काफी लगाव था, इसलिए उनके जन्मदिन को बच्चों के प्रति समर्पित कर दिया गया। आज कादिन देश के भविष्य को नया रास्ता देने का है। नौनिहालों में छिपी हुई प्रतिभा कोतराश कर कल के बेहतर भारत की नींव डालने का है। पंडित जवाहर लाल नेहरू को बच्चे प्यार से चाचा नेहरू कहकर पुकारते थे। उनका कहना था कि आज के बच्चे कल के भारत कानिर्माण करेंगे। हम उनका किस तरह पालन पोषण करते हैं यह देश के भविष्य के बारे मेंबताता है। नेहरू जी का बच्चों से प्रेम का एक वाकया है। तीन मूर्ति भवनप्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का सरकारी निवास था। एक दिन वे इसके बगीचे में टहलरहे थे। तभी उन्हें एक छोटे बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। नेहरूजी ने आसपासदेखा तो उन्हें पेड़ के बीच एक दो माह का बच्चा रोता दिखाई दिया। नेहरूजी ने मन हीमन सोचा- इसकी मां कहां होगी? उन्होंने इधर-उधर देखा। वह कहीं भीनजर नहीं आ रही थी। उन्होंने सोचा शायद वह बगीचे में ही कहीं माली के साथ काम कर रही होगी। नेहरूजी यह सोच ही रहे थे कि बच्चे ने रोना तेज कर दिया। इस पर उन्होंनेउस बच्चे को उठाकर अपनी बांहों में लेकर उसे थपकियां दीं, झुलाया तो बच्चाचुप हो गया और मुस्कुराने लगा। बच्चे की मां ने जब प्रधानमंत्री की गोद में अपने बच्चे को देखा तो उसे अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ। ऐसे महान थे चाचा नेहरू।यही वजह है कि बालदिवस पर आज भी बच्चे चाचा नेहरू को याद करते हैं। हमेशा बच्चों की तरह हमेशातरोताज़ा दिखने वाले चाचा नेहरूने अपने तरोताजा रहने का राज बताते हुये कहा इसकेतीन कारण हैं। यथा–बच्चोंको बहुत प्यार करता हूँ। उनके साथ खेलने की कोशिश करता हूँ, इससेमैं अपने आपको उनको जैसा ही महसूस करता हूँ। मैंप्रकृति प्रेमी हूँ,और पेड़-पौधों,पक्षी,पहाड़,नदी,झरनों,चाँद,सितारोंसे बहुत प्यार करता हूँ। मैं इनके साथ में जीता हूँ,जिससेयहमुझे तरोताज़ा रखते हैं। देशभर में जवाहरलाल नेहरू का जन्म दिन 14नवंबरको बाल दिवसके रूप में मनाया जाता है। 14 नवम्बर 2020 को उनकी 131 वीं जयंती के अवसर पर उन्हें भारत के नवनिर्माण के महान शिल्पकार के रूप में श्रद्दाजलीं अर्पित कर उन्हें नमन करें|