12 फरवरी को स्कूल होस्टल से गायब हुवा था छात्र सुरेंद्र धाकड़-पिता ने करवाया था अपहरण का मुकदमा
सब इंस्पेक्टर सुमन ने छात्र को दस्तयाब कर अपहरण के झूठे मुकदमे का किया पर्दाफाश

निकटवर्ती गांव लल्लाई निवासी छात्र सुरेंद्र धाकड़ उम्र14साल 5 माह एम एल डी स्कूल में कक्षा 10 में पढ़ता था और यंही स्कूल होस्टल में रहता था।विगत 12 फरवरी को वह होस्टल से रहस्यमय ढंग से लापता हो गया था।उसके लापता होने पर अपहरण की एफ आई आर संख्या112 दिनांक17 फरवरी2020 को अंतर्गत धारा363 IPC पिता हेमन्त धाकड़ द्वारा केकड़ी पुलिस थाने में दर्ज करवाई गई थी।वृत्ताधिकारी बृजेश मीणा ने प्रकरण की जांच संपत राज मीणा को सौंपी थी जांच के दौरान ही संपत राज मीणा का ट्रांसफर हो जाने पर जांच सब इंस्पेक्टर सुमन मीणा को सौंपी गई थी।मीणा के अनुसंधान के दौरान ही छात्र के पिता और चचेरे भाई द्वारा सुरेंद्र की कॉल डिटेल के आधार पता चला कि वह जयपुर में है। सुरेंद्र अपने दोस्तों के यंहा जयपुर गया है।जब सुरेंद्र के दोस्तो से पूंछताछ की गई तो सामने आया कि सुरेंद्र एक चूड़ी बनाने वाली फैक्ट्री में काम करता है।सब इंस्पेक्टर मीणा ने बताया कि
जयपुर सुभाष चौक पुलिस के सहयोग से उक्त चूड़ी फैक्ट्री से सुरेंदर को बरामद किया और उसके परिजन केकड़ी ले आये जिसे मेरे द्वारा दस्तयाब किया जाकर कानूनी कार्यवाही उपरांत सुरेंद्र को उसकी इच्छा के अनुसार उसके माता पिता के सुपुर्द कर दिया।
चोंकाने वाला खुलाशा
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एम एल डी शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष सी पी दुबे ने बताया कि छात्र सुरेंदर की हरकतों और पढ़ाई में अरुचि के कारण उसे होस्टल के वार्डन द्वारा होस्टल से निकाल दिया गया था जिस पर सुरेंदर ने काफी मिन्नते की कि परीक्षा होने तक उसे होस्टल में रहने दिया जाए और उसने होस्टल वार्डेन की अपनी मां से भी फ़ोन पर बात करवाई थी इस पर उसकी माँ ने वार्डेन से बोला कि यदि सुरेंदर घर आया तो उसके पिता उसे पिटेंगे क्योकि वो उसे पढ़ाना चाहते है और वह पढ़ना नही चाहता है ।सुरेंदर की मां ने सुरेंदर को भी यही हिदायत
दी कि घर मत आना।इसी के चलते सुरेंदर होस्टल से गायब होकर अपने दोस्तों के पास जयपुर चला गया।
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सुमन मीणा सब इंस्पेक्टर ने मीडिया को बताया कि सुरेंद्र के पिता द्वारा जो एफ आई आर अपहरण की धारा363 IPC में दर्ज करवाई थी वह फर्जी निकली सुरेंदर अपनी इच्छा से ही जयपुर गया था और उसकी इच्छा के अनुसार ही उसको वापस माता पिता को सौंप दिया गया है।