*चन्दन सिंह भाटी*
जैसलमेर आप कही भी कार्य करो।आप कर्मयोगी है और कर्म करते है उसका फल
जरूर मिलता है।।लक्ष्य लेकर चलने वालों को सफलता जरूर मिलती है।हम बात कर
रहे है बीकानेर के युवा ऊर्जावान जिला कलेक्टर नमित मेहता की।।जेसलमेर से
बीकानेर जब मेहता का ट्रांसफर हुआ।।तब बीकानेर कोरोना का हॉटस्पॉट बना
हुआ था।।मेहता ने पदभार ग्रहण के साथ पहला आदेश सेम्पल संख्या बढ़ाने का
दिया।।फिर मैदान में उतरे। कोरोना के खिलाफ एक लक्ष्य रखा बीकानेर
कोरोना मुक्त हो।।उनके प्रयास अपनी टीम के साथ जारी रहे।बहुत से नवाचार
बीकानेर में किये।बीकानेर के लोगो के दिलों में जेसलमेर किंतरः मेहता
जल्दी बस गए।बीकानेर वासियों को नमित से उम्मीदें थी ।।नमित के सामने
बीकानेर वासियों की उम्मीदों पर खरा उतरना किसी चुनौती से कम न था।मगर
उन्होंने दिन देखा न रात।।कोविड नियंत्रण के वो समस्त प्रयास किये जिनसे
बीकानेर वासियों को राहत मिल सके।।कोविड केयर सेंटरो को उन्होंने आदर्श
बनाया।कोविड सेंटरो की सफलता की कहानियां राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में
रही।।खुद ने कई बार पी पी टी किट पहन कर करोना संक्रमितों से हालचाल जाने
कोविड सेंटरो का आधी रात तक निरीक्षण किया कई बार। रात रात भर सड़को पे
उतर कर करोना गाइड लाइन की पालना करवाते। प्लाज़्मा डोनर तैयार
किये।।बीकानेर प्लाज़्मा डोनेट में आदर्श बना। प्रशासन जंहा संभागीय
मुख्यालय हो कलेक्टर की भूमिका गौण हो जाती है मगर मेहता ने अपने
अधिकारों का प्रयोग बेहतर तरीके से किया। पुलिस प्रशासन के साथ साथ अन्य
विभागों के अधिकारियों का बेहतर उपयोग कोरोना नियंत्रण में किया।।शायद ही
कोई ऐसा दिन होगा जब उन्होंने फील्ड में जाकर कोरोना नियंत्रण के प्रयास
नह किये हो।।सैकड़ो की संख्या में कोरोना संक्रमित आने के बाद भी जरा सा
घबराए नही।अपने नेतृत्व क्षमता पर उन्हें उतना ही भरोसा था जितना इंसान
भगवान पे करता है। करोना के साथ साथ अन्य प्रशासनिक कार्य भी कुशलता से
करते रहे। कुछ काम ऐसे किये जिनका जिक्र अलग से करेंगे। मेहता तो आठ माह
बाद सफलता मिलनी शुरू हुई जब कोरोना संक्रमण के मामले दहाई फिर इकाई और
अंत मे 24 दिसम्बर को शून्य । ये होती है कर्म प्रधान प्रशासक की
कार्यशैली।।वेल डन नमित जी। आपके हौंसले को दिल से सलाम । आखिर कर
बीकानेर शहर को कोरोना मुक्त कर लक्ष्य हासिल किया।राजस्थान का पहला
मास्क बैंक की स्थापना का श्रेय भी नमित मेहता को जाता है।*