केकड़ी 24 मार्च (पवन राठी)राज्य के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा केकड़ी का जिला अस्पताल आज डॉक्टरों की मनमानी से अपनी दशा पर आँसु बहा रहा है।
गौर तलब है कि चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा की बदौलत ही केकड़ी जिला चिकित्सालय में सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो पाई है रघु शर्मा हमेशा अपने क्षेत्र के लिए सौगाते दिए जाने की अपनी अलग पहचान रखते आये है।
इस चिकित्सालय में कार्यरत हड्डी रोग डॉक्टर बालमुकुंद जेत वाल विगत 52 दिनों से बिना किसी सूचना के अपनी ड्यूटी से लापता चल रहे है।अस्पताल प्रभारी डॉक्टर नेमीचंद जैन द्वारा उनको जो दो नोटिस जारी किए गए थे प्राप्ति के बाद भी उनका उत्तर तक देना जेतवाल ने देना उचित नही समझा।नोटिस का उत्तर नही आने की सूचना अस्पताल प्रभारी जैन द्वारा सी एम एच ओ सहित संयुक्त निदेशक जयपुर को देने पर भी अब तक किसी भी प्रकार की कार्यवाही नही होना यही दर्शा रहा है कि जेतवाल को किसी वी आई पी का संरक्षण प्राप्त है या फिर वो नोकरी करना ही नही चाहते है जिससे उनको न उच्च अधीकरियो का भय है और न ही राज्य के चिकित्सा मंत्री का!
गौर तलब है कि इस प्रकरण में चिकित्सा विभाग के तमाम उच्च अधीकरियो की खामोशी भी अब संदेह के दायरे में है क्योंकि अब तक जेतवाल के खिलाफ किसी भी प्रकार की विभागीय कार्यवाही शुरू ही नही की गई है।जेतवाल की जगह यदि कोई और डॉक्टर होता तो अब तक उस पर कड़ी विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ हो चुकी होती।
जेतवाल पर आरोप
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1-मरीजो को अस्पताल में एक्स रे सुविधा होने के बाद भी बाहर से अपने चहेते के यंहा से एक्स रे करवाने को मजबूर किया जाता है।
2-मरीजो को खुद की सी टी स्कैन से जांच के लिए मजबूर करना।
जेतवाल द्वारा लगाई गई सी टी स्कैन राज्य के चिकित्सा विभाग द्वारा निर्धारित मापदंडों पर खरा उतर रही या नही जनहित में इसकी भी जांच जरूरी है।
3-अपने चहेते मेडिकल दुकानदार के यंहा से दवा खरीदने को बाध्य किया जाता है।
रघु शर्मा के ड्रीम प्रोजेक्ट पर बेलगाम डॉक्टर हावी होते जा रहा है और राज्य का पूरा चिकित्सा महकमा अपने आप को बेबस और असहाय महसूस कर रहा है जरूर इसके पीछे कोई गहरा राज है जिसका जनहित में सार्वजनिक होना बहुत जरूरी है।देखते है इस प्रकरण में जेतवाल हावी रहता है या राज्य का चिकित्सा महकमा फिलहाल तो इस यक्ष प्रश्न का उत्तर भविष्य के गर्भ में दफन है।