
1 भू उपयोग योजना में क्या सुधार हो सकते है 💐 आवासीय,वाणिज्यिक, चिकित्सा, शैक्षणिक,आमोद प्रमोद, सामाजिक, सांस्कृतिक,धार्मिक एवम ऐतिहासिक,पर्यटन आदि में।
2जन उपयोगी सुविधाओं में सुधार की संकल्पना क्या हो सकती है💐सीवरेज जल, मल निकास एवम ठोस कचरा प्रबंधन, विद्युत आपूर्ति, श्मशान आदि।
3💐परिसंचरण योजना: सड़कों के विस्तार एवम सुधार, चौराहों , पार्कों का सुधार, बस स्टैंड एवम परिवहन में सुधार आदि में नया क्या हो सकता है।
4💐 पुष्कर तीर्थ संरक्षण एवम टेंपल टाउन मास्टर प्लान की वृहद योजना:सरोवर,घाट,मंदिर,,पुष्कर घाटी का सौंद्रीयकरण,विरासत संरक्षण आदि के लिए सर्वांगीण विकास का विजन क्या हो सकता है।
उपरोक्त इन सब बहु आयामी संकल्पनाओं व योजनाओं के लिए विजन डॉक्यूमेंट, जोनल प्लान के माध्यम से ही तैयार किया जा सकता है जिसे राज्य सरकार ,मास्टर प्लान के समकक्ष ही मान्यता देकर क्रियान्वित करवा सकती है।तो क्या नगर पालिका की इस संबंध में कोई तैयारी मंशा दिखाई दे रही है, बिल्कुल नहीं, इस तरह से जोनल प्लान बनाए जाने की आज दिन तक कोई कार्रवाई न तो प्रारंभ हुई है ना ही सुनने में ही आई है।
💐हो सकता है पालिका ने अंदरखाने ही कागजों में अपनी मनमर्जी का तकमीना खींच रखा हो जिसे अपने और भूमाफियाओं के हितार्थ अचानक परोसा जा सके।
💐लगता है प्रशासन शहरों के संग महा अभियान के प्रति स्थानीय नगर पालिका के जन प्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी कत्तई गंभीर नहीं दिखाई दे रहे है, शायद इनको पुष्कर जैसे महान तीर्थ व यहां की जनता से कोई सरोकार ही नही रहा हो। जिस जनता ने इन्हें पुन: सत्ता में बैठाया। यह तो समझ में आता है कि पद मद अंध सत्ताधारी तो सोए पड़े है मगर कई गुटों में बंटे (कुछ को छोड़ कर) विपक्ष को भी जैसे सांप ही सूंघ गया हो वे भी अचेत पड़े अपने निजी स्वार्थ साधने के लिये आम जन के हितों को पलीता लगाकर ,प्रदेश में उनके दल की सरकार होने के बावजूद भी भाजपा बोर्ड के सत्ताधारियों की गोद में ही सोए पडे है।
यह जनता है जनाब यह सब खेला देख रही है। अभी भी समय है जाग जाओ वरना एक दिन समय जगा देगा।यह राज आज है फिर कल रहे ना रहे, होश में आ जाओ तीर्थ की पुकार है।कल कोई नहीं पूछेगा साहब की साहेबी को।आज आप है और सामने यह तीर्थ है।
जय पुष्कर राज की।
अरुण पाराशर, सामाजिक कार्यकर्ता, पुष्कर।