अजमेर 24 अगस्त – नेषनल ग््रीन ट्रिब्यूनल सेेट्रल जोन बेंच ने एक आदेष जारी कर अजमेर के आनासागर के भराव क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। यह रोक नगर परिषद् के पूर्व सभापति और भाजपा नेता सुरेन्द्र सिंह शेखावत की याचिका पर लगाई गई है।
जिसमें उन्होने आनासागर के भराव क्षेत्र में स्मार्ट सिटी के नाम से हो रहे निर्माण कार्य पर रोक लगाने की प्रार्थना की थी क्योंकि यह निर्माण कार्य ऐतिहासिक धरोहर आना सागर में अतिक्रमियों के दबाव में प्रषासन द्वारा करवाया जा रहा था। नेषनल ग्रीन ट्रिबूयूनल सेंटर जोन बेंच द्वारा 19 अगस्त 2021 को दिए अपने आदेषों में आनासागर क्षेत्र की परिधि में हो रहे निर्माण कार्य पर रोक लगाई है जिसमें आनासागर के आसपास पाथवें के नाम से हो रहा निर्माण कार्य और सेवन वंडर्स के नाम से हो रहा निर्माण कार्य शामिल है।
इसके अलावा आदेषो में यह भी बताया गया है कि आनासागर के आसपास व अंदर कोई भराई नहीं होगी। आदेषो में स्पष्ट कहा गया है कि एक समिति बनाई जाए जिसमें डवम ि- ब्ब् के प्रतिनिधि, सेट्रल पॉलयुषन कट्रोल बोर्ड के प्रतिनिधि, राज्य जलभूमि पराधिकार के प्रतिनिधि व राज्य पॉलयुषन कट्रोल बोर्ड के प्रतिनिधि शामिल हो। यह प्रतिनिधि ईमेल के जरिये अपनी रिपोर्ट भेजेगे। साथ ही प्रतिनिधियों का दल आनासागर सरवेकषण करेगा तथा तथ्यात्मक रिपोर्ट नेषनल ग्रीन ट्रिब्यूनल सेट्रल जोन बैंक भोपाल को रिपोर्ट प्रसतुत करेगा।
बैंच ने अपने आदेष में यह भी कहा है कि सुरेन्द्र सिंह शेखावत बाकी दस्तावेज समिति को सौपेगे। शेखावत ने बताया कि यह याचिका इसलिए भी दायर की गई थी चंूकि आनासागर अजमेर का एक दर्षनीय स्थल है जिसे सौर्द्यकरण के नाम पर अतिक्रमण करके प्रषासन द्वारा छोटा किया जा रहा है। जिससे अजमेर के नागरिको में भारी रोष हैं। बैंच के इस फैसल से शहर के नागरिको में खुषी की लहर दौड गई है। उन्होने इसे अजमेर शहर की जीत बताया। शेखावत की ओर से अधिवक्ता राहुल चौधरी ने यात्रिका पेष की थी।
सुरेन्द्र सिंह शेखावत
मो. 9829071670