अतिरिक्त जिला कलेक्टर्स की राज्यस्तरीय कार्यशाला में निर्णय लेखन पर हुआ गहन मंथन

अजमेर, 27 सितम्बर। राजस्व मंडल की वरिष्ठ सदस्य श्रीमती विनीता श्रीवास्तव ने आरआरटीआई सभागार में आयोजित अतिरिक्त जिला कलेक्टर स्तर के अधिकारियों के निर्णय लेखन कार्यशाला के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि आगामी प्रशासन गांवों के संग अभियान के पहले राजस्व अधिकारियों को राजस्व न्यायालय दायित्वों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाए।
उन्होंने कहा कि अधिकाधिक आमजन को त्वरित राहत प्रदान करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रकरण अनावश्यक लम्बित न हों, पत्रावलियों का गहनता से अध्ययन हो।
अधिकारी लोक अदालतों से पहले पूर्ण तैयारी करें। शिविर से सम्बंधित पूर्व सूचना पक्षकारों को समय पर दी जाये। लोक अदालतों से पूर्व प्रकरणों की सूची पंचायत या पटवार कार्यालयों के बाहर चस्पा की जाए।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को न्यायालय के लिए पूर्ण समय देने व निर्णयों में विधिसम्मत व त्रुटिरहित लेखन का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
सदस्य रामनिवास जाट ने अपने उद्बोधन में राजस्थान भू राजस्व अधिनियम तथा निर्णय लेखन की बारीकियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
आरआरटीआई निदेशक आशुतोष गुप्ता ने कहा कि राजस्व न्यायालयों के कार्यो में गुणवत्तापूर्ण सुधार के लिये रीडर्स की नियुक्तियों में विधि स्नातक की योग्यता को अनिवार्य किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि संभाग एवं जिला स्तर पर भी पेशकारों के प्रशिक्षण आयोजित किए जा कर उन्हें विधिक दायित्व के बारे में बारीकी से जानकारी देने की आवश्यकता है। उन्होंने बेंच और बार के बीच बेहतर समन्वय की भी आवश्यकता बताई।कार्यक्रम के दौरान सभी संभागीय को राजस्व मंडल की ओर से वरिष्ठ सदस्य श्रीमती विनीता श्रीवास्तव ने प्रमाण पत्र प्रदान किए। समस्या समाधान सत्र में अधिकारियों ने विविध समस्याओं पर ध्यान आकृष्ट किया जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका समाधान किया। सभी अधिकारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजन पर प्रसन्नता जताते हुए ऐसी कार्यशालाएं में नियमित तौर पर आयोजित करने की आवश्यकता जताई।
इस अवसर पर सभी अधिकारियों ने आरआरटीआई परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम में भी भाग लिया और विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। कार्यक्रम का संयोजन मुख्य लेखा अधिकारी कोमल चौधरी ने किया

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