
देवनानी ने कहा कि शहर डेंगू की चपेट में आ चुका है। अनेक क्षेत्र ऐसे हैं, जहां करीब-करीब सभी घरों में डेंगू फैल चुका है। प्रदेश के अन्य जिलों की तरह अजमेर में भी आए दिन बड़ी संख्या में डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं। कमोबेश सभी सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में डेंगू पीड़ितों की भरमार है। अस्पतालों में मरीजों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। अनेक लोगों को सरकारी अस्पतालों में इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण प्राइवेट अस्पतालों की ओर भागने को मजबूर होना पड़ रहा है।
देवनानी ने कहा कि शहर में अनेक क्षेत्र ऐसे हैं, जहां आज भी खाली मैदानों, नालियों, नालों, सड़कों के खड्ढों में गंदा पानी भरा हुआ है, जिसकी निकासी की ना तो कोई व्यवस्था नहीं की गई है और ना ही इनमें कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव कराया गया है। मरीजों की संख्या दिनों-दिन बढ़ने के बावजूद चिकित्सा महकमा सोया हुआ है और सरकारी अस्पतालों में इलाज और दवाइयों की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। डेंगू के मरीजों को बुखार होने के साथ ही खून की कमी होने लगती है और प्लेटलेट्स गिरने लगती है। अस्पतालों में प्लेट किट्स का भारी अभाव बना हुआ है। यदि शासन और प्रशासन ने अब भी समय रहते सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में पर्याप्त दवाइयों और सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की तथा घर-घर सर्वे कराकर डेंगू की रोकथाम के लिए पुख्ता बंदोबस्त नहीं किए तो पूरा शहर डेंगू की गिरफ्त में आ जाएगा।
देवनानी ने कहा कि इसी तरह पूरा शहर अभी भी गहरे-गहरे खड्ढों वाली सड़कों में तब्दील है। प्रशासन ने शहर की गिनी-चुनी सड़कों की मरम्मत कराकर अपने कत्र्तव्य की इतिश्री कर ली है। लेकिन अधिकांश हिस्सों में टूटी-फूटी सड़कें स्मार्ट सिटी अजमेर को मुंह चिढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि शहरभर में कहीं सीवरेज लाइन डालने के नाम पर तो कहीं पानी व अन्य लाइनें डालने के नाम पर सड़कों को खोद दिया गया है। सड़कों पर बने गहरे-गहरे खड्ढों में नालियों व नालों से बहकर आया हुआ गंदा पानी भरा हुआ है, जिससे ना केवल मच्छर पनप कर डेंगू फैला रहे हैं, बल्कि आए दिन पानी से भरे खड्ढों की गहराई नहीं दिखने के कारण वाहन चालक और राहगीर उनमें गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। देवनानी ने कलेक्टर से कहा कि जल्द से जल्द सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में डेंगू के इलाज के पर्याप्त दवाइयों और उपकरणों की व्यवस्था की जाए तथा शहर में टूटी-फूटी सभी सड़कों की दीपावली से पहले मरम्मत कराई जाए।