74 में वार्षिक संत समागम का भव्य शुभारंभ

केकड़ी 28 नवंबर(पवन राठी) परमात्मा ने यह सृष्टि और मनुष्य का निर्माण केवल प्यार करने के लिए किया है अतः सभी में ईश्वर का रूप देखते हुए प्रेम से जीवन जिएं यही मनुष्य जीवन का मुख्य लक्ष्य है।
केकड़ी ब्रांच मुखी अशोक रंगवानी के अनुसार उक्त उद्गार सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने आज 27 नवंबर 2021 को वर्चुअल रूप में आयोजित संत निरंकारी मिशन के तीन दिवसीय 74 वें वार्षिक निरंकारी संत समागम के शुभारंभ पर मानवता के नाम संदेश में व्यक्त किए।
हरियाणा समलखा और गन्नौर के बीच जीटी रोड पर स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल से इस संत समागम का सीधा प्रसारण किया जा रहा है। जिसका आनंद भारत तथा दूर देशों में बसे हुए लाखों निरंकारी श्रद्धालु भक्तों एवं प्रभु प्रेमी सज्जनों द्वारा मिशन की वेबसाइट तथा साधना टीवी चैनल के माध्यम से लिया जा रहा है।
सतगुरु माता जी ने आगे कहा कि कोरोना ने मानव को रोजमर्रा की जिंदगी में निस्वार्थ भाव से एक दूसरे पर विश्वास करना सिखाया हम सभी के अंदर इस परमात्मा को देखते हुए एक-दूसरे का सत्कार करें। नर सेवा नारायण सेवा का भाव रखें तो यही परम धर्म है हमें जागृत रहना और ध्यान रखना है कि इस धरती से जब भी जाए तो इसे पहले से बेहतर छोड़कर जाएं।
मीडिया सहायक राम चन्द टहलानी के अनुसार सतगुरु माता जी ने कहा कि परमात्मा को जानकर उस पर विश्वास करने से आनंद की अवस्था प्राप्त होती है यदि हम सामाजिक रूप में देखें तो केवल सह अस्तित्व ही नहीं अपितु शांतिपूर्ण सह अस्तित्व के भाव से जिएं, परमात्मा ने हमें जो प्राकृतिक स्रोत दिए हैं उनका हम सदुपयोग करें। सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज के समागम स्थल पर आगमन होते ही संत निरंकारी मंडल एवं केंद्रीय योजना एवं सलाहकार बोर्ड के वरिष्ठ सदस्यों ने उनका हार्दिक स्वागत किया उसके बाद कार्यकारिणी समिति के सदस्यों केंद्रीय योजना एवं सलाहकार बोर्ड के सदस्यों मंडल के विभिन्न विभागों के समन्वयको एवं मिशन के रोशन मीनार संतो द्वारा एक फूलों से सुसज्जित खुले वाहन (पालकी) द्वारा सतगुरु माता जी को मुख्य मंच तक लाया गया।
वर्चुअल रूप में आयोजित इस संत समागम के अवसर पर सरकार द्वारा जारी कोविड-19 के निर्देशों का यथा योग्य पालन किया जा रहा है।

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