पर्याप्त सुविधाओं का अभाव व जीर्णशीर्ण सीलनयुक्त पाए गए
न सुरक्षा गार्ड, न फर्स्ट एड, न गर्माहट की पर्याप्त सुविधा, स्नानघर भी सीलन व गंधयुक्त
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अजमेर के सचिव श्री रामपाल जाट (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) द्वारा अजमेर मुख्यालय के रैन बसेरों का निरीक्षण किया गया। मुख्यालय के आजाद पार्क, हृदय रोग संस्थान परिसर स्थित आश्रय स्थल, जे.एल.एन अस्पताल परिसर स्थित आश्रय स्थल, देहली गेट अजमेर स्थित आश्रय स्थल, पडाव स्थित आश्रय स्थल, नौसर घाटी प्राईवेट बस स्टेण्ड कोटडा स्थित आश्रय स्थल, जनाना अस्पताल परिसर स्थित आश्रय स्थल का निरीक्षण किया गया। नगर निगम अजमेर की ओर से देशवाली फर्म को रैन बसेरों के रखरखाव व आगन्तुकों से संबंधित कार्य दिया गया है लेकिन निरीक्षण के दौरान कई खामियां पाई गयी।
ऽ आजाद पार्क में नगर निगम द्वारा संचालित आश्रय स्थल में व्यवस्था सही पाई गयी। पर्याप्त मात्रा में बिस्तर, पानी की व्यवस्था है। परन्तु आम जनता की जानकारी के लिए आश्रय स्थल के आस-पास कोई बडा बोर्ड नहीं लगा हुआ है। इससे आम जनता को उक्त आश्रय स्थल की जानकारी प्राप्त नहीं हो पाती है।
ऽ हृदय रोग संस्थान परिसर स्थित आश्रय स्थल में भी प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है। न ही वहां फर्स्ट एड किट उपलब्ध है।
ऽ जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय परिसर स्थित आश्रय स्थल में पर्याप्त सफाई व्यवस्था का अभाव पाया गया।
ऽ देहली गेट अजमेर स्थित आश्रय स्थल में सफाई व्यवस्था का अभाव व उक्त आश्रय स्थल की जानकारी हेतु अन्यत्र स्थानों पर कोई बोर्ड नहीं लगा हुआ है। उक्त आश्रय स्थल परिसर में असामाजिक तत्वों की उपस्थिति पायी गयी। इसमें रोशनी की व्यवस्था भी पूरी नहीं है।
ऽ पडाव स्थित आश्रय स्थल में सभी व्यवस्थाएं माकूल पायी गयी। जहां मुख्य मार्ग पर आश्रय स्थल की जानकारी का बोर्ड लगा हुआ है।
ऽ नौसर घाटी प्राईवेट बस स्टेण्ड कोटडा स्थित आश्रय स्थल अत्यन्त ही सुनसान स्थान पर है, जहां आम आदमी का पहुंचना कठिन है। उक्त आश्रय स्थल पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है। सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है।
ऽ जनाना अस्पताल परिसर स्थित आश्रय स्थल में महिलाओं के लिए मात्र एक कमरा पाया गया जबकि उक्त आश्रय स्थल की क्षमता 50 व्यक्तियों के लिए बतायी गयी।
उक्त सभी आश्रय स्थलों में मुख्य रूप से पानी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। लगभग सभी आश्रय स्थल में कैम्पर के माध्यम से पानी मंगाया जाता है। कई स्थानों पर शौचालय आदि में रोशनी की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है तथा किसी भी आश्रय स्थल पर पुलिस के सिपाही की व्यवस्था नहीं है। इन सभी आश्रय स्थल के प्रचार प्रसार की महती आवश्यकता है। इनकी जानकारी से संबंधित बोर्ड संबंधित आश्रय स्थल के आस पास के क्षेत्रों में लगवाया जाना अत्यन्त आवश्यक है। दीवारें भी सीलन युक्त पाई गयी है।
सचिव
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,
(अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश)
अजमेर