मुंह के कैंसर रोगी का कमांडो ऑपरेषन व फ्री-फ्लेप तकनीक से की प्लास्टिक सर्जरी

मित्तल हॉस्पिटल के कैंसर सर्जन डॉ अर्पित जैन व टीम ने दिया पीड़ित को निदान
अजमेर, 31 दिसम्बर()। मुंह के कैंसर से पीड़ित एक युवक का मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर अजमेर में कमांडो ऑपरेषन एवं फ्री-फ्लेप तकनीक से प्लास्टिक सर्जरी की गई। रोगी के मुंह का कैंसर वाला हिस्सा जड़ से निकाल दिया गया और उसके चेहरे का सौंदर्य भी बरकरार बनाए रखा गया। ऑपरेषन कैंसर सर्जन डॉ अर्पित जैन व प्लास्टिक सर्जन डॉ मनीष जैन और उनकी टीम ने किया ।
तकरीबन 7 से 8 घंटे तक चलने वाले इस ऑपरेषन पर बात करते हुए कैंसर सर्जन डॉ अर्पित जैन ने बताया कि लम्बे समय से तम्बाकू-गुटखे का सेवन करने वाले लगभग 50 वर्षीय रोगी के मुंह में छाला हुआ था। छाला धीरे-धीरे बड़ा होने लगा। रोगी को खाने-पीने-निगलने में तकलीफ होने लगी तो उन्होंने मित्तल हॉस्पिटल पहुंच कर चिकित्सकीय परामर्ष पाया। रोगी के मुंह के छाले की बायोप्सी जांच में कैंसर की पुष्टि हुई। सीटी स्कैन कराए जाने पर कैंसर अपनी जगह सीमित पाया गया। पीड़ित का कमांडो ऑपरेषन करने का निर्णय किया गया इस ऑपरेषन में जटिलता यह थी कि युवक के चेहरे का सौंदर्य भी बना रहे तथा रोगी के जबड़े की हड्डी भी सुरक्षित बनी रहे, जिससे उसे भविष्य में खाने-पीने में परेषानी ना हो।
कैंसर सर्जन डॉ अर्पित जैन ने बताया कि तमाम स्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक सर्जन डॉ मनीष जैन एवं एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ अनुराग नेल्सन व सक्षम ओटी एवं आईसीयू टीम के साथ मिलकर रोगी का कमांडो ऑपरेषन व फ्री-फ्लेप प्लास्टिक सर्जरी सफलता से कर दी गई।
उन्होंने बताया कि ऑपरेषन के पांच दिन बाद रोगी को स्वस्थ अवस्था में छुट्टी भी दे दी गई।
रोगी ने बताया कि उसे दो साल पहले मुंह का कैंसर होने का पता चला था। उसने चिकित्सकीय परामर्ष कर उपचार कराया, इससे वह कैंसर को तेजी से बढ़ने से तो रोक पाया फिर भी वह कैंसर रोग से मुक्त नहीं हो सका। दो साल में उसके मुंह में बन रहा कैंसर का छाला फिर से बड़ा होने लगा। जिसे जड़ से मिटाने के लिए कमांडो सर्जरी ही विकल्प था।
सेल्फ स्क्रीनिंग ही कैंसर के बढ़ने से बचाव……..
कैंसर सर्जन डॉ अर्पित जैन ने कहा कि कैंसर लाइलाज नहीं रहा है। कैंसर रोग को बढ़ने से बचाव का प्राथमिक मार्ग सेल्फ स्क्रीनिंग ही है। घर पर स्वयं को जांचते रहें।
महिलाएं जिन्हें ब्रेस्ट अथवा बच्चे दानी का कैंसर होता है वे एवं जो लोग पान, जर्दा, तम्बाकू, गुटखा आदि का सेवन करते हैं वे सेल्फ स्क्रीनिंग के कारण ही स्वयं को कैंसर रोग की पूरी तरह जद में आने से बचाए रख पाते हैं।
उन्होंने बताया कि मित्तल हॉस्पिटल रोगियों की नियमित काउंसलिंग, फोलोअप जांच व परामर्ष एवं समय समय पर लगने वाले कैम्पों के माध्यम से उन्हें कैंसर रोग से बचाव के प्रति जागरूक करता रहता है। प्रारम्भिक अवस्था में पता चलने पर कैंसर रोग का उपचार संभव हो पाता है, विलम्ब की स्थिति में जटिलताएं बढ़ जाती हैं।
उल्लेखनीय है कि मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर अजमेर में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से युक्त ओटी एवं सभी सुपरस्पेषियलिटी सेवाओं में दक्ष व कुषल चिकित्सा विषेषज्ञों की टीम उपलब्ध है जो गुणवत्तापूर्ण उपचार का भरोसा बढ़ाती है।
मित्तल हॉस्पिटल केन्द्र व राज्य सरकार (आरजीएचएस) एवं रेलवे कर्मचारियों एवं पेंषनर्स, भूतपूर्व सैनिकों(ईसीएचएस), ईएसआईसी द्वारा बीमित कर्मचारियों तथा सभी तरह के टीपीए द्वारा उपचार के लिए अधिकृत है। रोगियों को एक ही छत के नीचे सभी तरह की चिकित्सा सेवाएं उनके वहन करने योग्य कीमतों पर मुहैया कराई जा रही हैं।

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