-देवनानी ने लिखा राज्यपाल व कुलाधिपति कलराज मिश्र को पत्र
-कृषि विश्वविद्यालयों की नई भर्ती में असमान स्कोर कार्ड लागू करने का मामला
-कृषि विश्वविद्यालय अपना-अपना स्कोर कार्ड लागू करने को आमादा

देवनानी ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में पांच कृषि विश्वविद्यालय संचालित हंै। इन सभी कृषि विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति, छात्र प्रवेश परीक्षा, एकेडमिक कैलेण्डर, टीचिंग-नोन टीचिंग स्टाफ की संख्या, योग्यता इत्यादि के नियम एक समान हंै। इन दिनों इन कृषि विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक-अशैक्षणिक पदों पर नई भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। भर्ती का विज्ञापन निकालने की तैयारी है। सरकार की उदासीनता एवं कृषि विश्ववि़द्यालयों की मनमर्जी के चलते इन नई भर्तियों में चयन के मापदंड हेतु अलग-अलग विश्वविद्यालयों द्वारा अपना-अपना स्कोर कार्ड जारी करने के समाचार आ रहे हैं। असमान स्कोर कार्ड लागू करने का विषय सरकार तक पहुंचाने का प्रयास भी हुआ है, लेकिन राज्य सरकार अब तक इसको लेकर कोई एक्शन में नहीं आई है।
देवनानी ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति, छात्र प्रवेश परीक्षा, एकेडमिक कैलेण्डर, टीचिंग-नोन टीचिंग स्टाफ की संख्या, योग्यता इत्यादि के नियम एक समान हंै तो नई भर्ती में समान पद, समान योग्यता होते हुए भी समान स्कोर कार्ड लागू नहीं करना निश्चित ही पूरी भर्ती प्रक्रिया पर प्रश्नचिन्ह खडा करने के साथ अपने चहेतों को फायदा देने की मंशा की ओर इशारा करता है। बेरोजगार छात्रों के हितार्थ भर्ती प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए सरकार को समान पद हेतु समान स्कोर कार्ड लागू करवाने की सख्त आवश्यकता है, ताकि न केवल भर्ती परीक्षाओं में भाई-भतीजावाद को लेकर भविष्य में कोई जगह नहीं रहे, बल्कि योग्य शैक्षणिक स्टाफ भी मिल सके। देवनानी ने राज्यपाल मिश्र से सभी कृषि विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक पदों की भर्ती हेतु समान पद, समान योग्यता एवं समान स्कोर कार्ड की प्रक्रिया लागू कर निष्पक्ष भर्ती का मार्गप्रशस्त करवाने की मांग की है।