टाटा ट्रस्‍ट्स की पराग इनीशिएटिव ने पराग ऑनर्स लिस्‍ट 2022 की घोषणा की

भारत, 8 फरवरी 2022 : टाटा ट्रस्ट्स की पराग इनीशिएटिव ने आज वर्ष 2022 के लिए पराग ऑनर लिस्‍ट के तीसरे संस्‍करण की घोषणा कर दी है। इस सूची में पिक्‍चर बुक्‍स, चैप्‍टर बुक्‍स और यंग एडल्‍ट बुक्‍स जैसी श्रेणियों में वास्‍तविक लेखन की व्‍यापक श्रृंखला होती है। अंग्रेजी और हिंदी में यादगार साहित्‍य का व्‍यापक संग्रह तैयार करने पर केंद्रित, इस सूची का उद्देश्‍य अच्‍छी गुणवत्‍ता के बाल साहित्‍य तक पहुंच बनाने को बढ़ावा देना है ताकि लाइब्रेरियंस, शिक्षक, अभिभावक और बच्चे इन पुस्तकों को पढ़ सकें और दूसरों को भी इसे पढ़ने के लिये प्रोत्‍साहित कर सकें।
टाटा ट्रस्ट्स की पराग इनीशिएटिव आनंद और कार्य के लिए पढ़ने की बदलावकारी ताकत में विश्‍वास करती है। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारत के बच्‍चे अलग-अलग क्षेत्रीय भाषाओं में पढ़ने की सराहना करें और इसका आनंद उठाएं। पराग भारत में अच्‍छी गुणवत्‍ता के बाल साहित्‍य की सोर्सिंग करने, उसका प्रकाशन व प्रसार करने, और इसे बढ़ावा देने के कार्य में संलग्‍न है। पिछले कई वर्षो से, पराग ने खुशी-खुशी पढ़ने की आदत को प्रोत्‍साहित करने के लिए बच्‍चों के साहित्‍य पारितंत्र को बढ़ावा देने का काम किया है। इस साल, पराग को 200 से अधिक प्रविष्टियों के साथ 23 भारतीय प्रकाशकों से पुस्‍तकें मिली हैं जिन्‍हें अक्‍टूबर 2020 से सितंबर 2021 के बीच प्रकाशित किया गया है। इनमें से विभिन्‍न जोनर्स में 38 पुस्‍तकें अंग्रेजी में और 9 हिंदी में हैं जिन्‍हें हमने चुना है।
टाटा ट्रस्ट्स में एजुकेशन की हेड अमृता पटवर्धन ने इस इनीशिएटिव पर अपने विचार साझा करते हुए कहा, “बच्‍चों के लिए प्रकाशित की जा रही पुस्‍तकों की संख्‍या में बढ़ोतरी हो रही है, ऐसे में अच्‍छी किताबों की अनुशंसा के साथ लाइब्रेरियंस एवं पेरेंट्स सहित पाठकों की मदद करना महत्‍वपूर्ण है। पराग ऑनर लिस्‍ट विभिन्‍न जोनर्स एवं आयु समूहों में हिंदी व अंग्रेजी में प्रकाशित बहुमूल्‍य पुस्‍तकों की स्‍वतंत्र रूप से तैयार वार्षिक सूची का भारत में अपनी तरह का पहला प्रयास है। बच्‍चों के साहित्‍य की गहरी समझ रखने वाली एक स्‍वतंत्र ज्‍यूरी कई प्रविष्टियों की समीक्षा करती है और पीएचएल तैयार करती है।”
पराग ऑनर लिस्‍ट बनाने के मानदंड के तहत, बच्‍चों की पुस्‍तकें प्रकाशित करने वाले सभी अग्रणी प्रकाशकों से समीक्षा के लिए किताबों की शीर्षक सूची भेजने का आग्रह किया जाता है। इसके बाद मशहूर शिक्षाविदों और पुस्तकप्रेमियों का पैनल इन पुस्‍तकों की समीक्षा करता है और फिर सर्वाधिक बेहतरीन किताब पराग ऑनर लिस्‍ट में जगह पाती है।
अंग्रेजी भाषा की श्रेणी के लिए ज्‍यूरी में अनिता बालासुब्रमण्यिम, लर्निंग नेटवर्क की को-फाउंडर, जीवा रघुनाथ, लेखक एवं कहानीकार और मंजिरी निम्‍बकर, लेखिका, इलस्‍ट्रेटर और मेडिकल डॉक्‍टर शामिल थे।
मंजिरी ने बुक लिस्‍ट पर अपनी बात रखते हुए कहा, “सख्‍त खोजबीन के बाद सर्वश्रेष्‍ठ पुस्‍तक को चुनने का पराग का यह प्रयास वाकई में सराहनीय है। इस सूची में शामिल पुस्‍तकें अलग-अलग विषयो की हैं और इन्‍हें खूबसूरती से तैयार किया जाता है। इनमें से कुछ मजेदार होती हैं तो कुछ मनोरंजक। जबकि कुछ पुस्‍तकों में बेहद नाजुक मुद्दों को संवेदनशील ढंग से संभाला जाता है। वहीं कुछ किताबें पाठकों को समसामयिक नायकों के जीवन के कार्य को सामने लेकर आती हैं।”
हिंदी भाषा की श्रेणी में ज्‍यूरी के प्रतिष्ठित सदस्‍यों में शामिल थे अरुण कमल, कवि एवं निबंधकार, गुरबचन सिंह, अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की पाठशाला भीतर और बाहर के कार्यकारी संपादक, और प्राची कालरा, एसोसिएट प्रोफेसर, गार्गी कॉलेज, दिल्‍ली यूनिवर्सिटी।
प्राची कालरा ने बताया, “पराग ऑनर लिस्‍ट लगातार पढ़ने का आनंद देने के बारे में है। बस आप सबसे अच्‍छी किताबों के सागर में गोता लगाइए।”

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