रामनवमी आज

राजेन्द्र गुप्ता
हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान श्री राम का जन्मोत्सव यानि रामनवमी का महापर्व मनाया जाता है। जिस पावन रामनवमी तिथि पर प्रभु श्री राम ने पृथ्वी पर अवतार लिया।

रामवनवमी का धार्मिक महत्व एवं पूजन विधि
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सनातन परंपरा में प्रभु श्री राम के जन्‍मोत्‍सव से जुड़ी रामनवमी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व है। प्रत्येक सनातनी व्यक्ति इसे सौभाग्य का दिन मानता है क्योंकि इसी दिन अयोध्या में राजा दशरथ और माता कौशल्या के यहां भगवान श्रीहरि विष्णु ने भगवान श्री राम के रूप में मानव अवतार लिया था। पृथ्वी पर सत्य सनातन धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेने वाले प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव से जुड़ी यह पावन तिथि इस साल 10 अप्रैल 2022 को पड़ने जा रही है।

राम नवमी की पूजा का शुभ मुहूर्त
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राम नवमी का पावन पर्व इस साल 10 अप्रैल 2022, रविवार को मनाया जाएगा। इस साल नवमी तिथि 10 अप्रैल 2022 को पूर्वाह्न 01:32 से शुरु होकर 11 अप्रैल 2022 को पूर्वाह्न 03:15 बजे तक रहेगी। नवमी तिथि पर भगवान श्री राम की विशेष पूजा का शुभ मुहूर्त 10 अप्रैल 2022 को प्रात:काल 11:10 से लेकर दोपहर 01:32 बजे तक रहेगा।

रामनवमी व्रत का धार्मिक महत्व
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भगवान श्री राम को सृष्टि के पालनहार श्री हरि विष्‍णु का सातवां अवतार माना जाता है। मान्यता है कि भगवान श्री राम का पृथ्वी पर अवतार वाली पावन रामनवमी तिथि पर यदि कोई व्यक्ति दिन भर विधि-विधान व्रत-उपवास और रात भर भगवान राम के नाम कीर्तन करता है और अपनी क्षमता के अनुसार धन, अन्न, वस्त्र, भोजन आदि का दान-पुण्य करता है, उसके न सिर्फ इस जन्म के बल्कि पूर्व के जन्मों के पाप भी दूर हो जाते हैं और उसे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

राम नवमी पर कैसे करें पूजा
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भगवान श्री राम से जुड़ी इस पावन तिथि पर उनका आशीर्वाद पाने के लिए प्रात:काल सूर्योदय से पहले उठें और स्नान-ध्यान करने के बाद उगते हुए सूर्य देवता को जल दें। गौरतलब है कि भगवान श्रीराम सूर्यवंशी हैं। ऐसे में प्रभु श्री राम की पूजा का पूर्ण फल पाने के लिए सूर्य देवता को जल अवश्य दें। इसके बाद पीले रंग के आसन में बैठकर रामनवमी व्रत का विधि-विधान से करने का संकल्प लें। इसके बाद प्रभु श्री राम की तस्वीर या मूर्ति पर गंगाजल छिड़कें और उसके सामने शुद्ध देशी घी का दिया जलाएं। इसके बाद भगवान श्री राम की मूर्ति या तस्वीर पर पीले रंग के वस्त्र, पीले पुष्प, पीले रंग का मिष्ठान और मौसमी फल अर्पित करें। तत्पश्चात् धूप जलाकर श्री रामचरितमानस अथवा श्री राम रक्षा स्तोत्र आदि का पाठ करें और अंत में भगवान राम की आरती करके सभी लोगों को प्रसाद बांटें।

राजेन्द्र गुप्ता,
ज्योतिषी और हस्तरेखाविद
मो. 9611312076

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