dr. j k gargपरशुरामजयंती के दिन भव्य आकर्षकजुलूस, शोभायात्रा निकालीजाती हैं | परशुराम भगवान के नाम पर उनके मंदिरों में हवन – पूजन का आयोजनकिया जाता है |सभी लोग पूजा में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं और दान आदि करते हैं | भगवान परशुराम केनाम पर भक्तों जगह जगह भंडारे का आयोजन करते है और सभी श्रद्धालु इस भोजन प्रसादीका लाभ उठाते हैं |· कुछ लोग इस दिनउपवास रख कर परमात्मा से भगवान परशुराम की तरह पुत्र देने की प्रार्थना करते हैं वे जानते हैं कि परशुराम जी के आशीर्वाद से परशुराम जी जैसा पराक्रमी बेटा प्राप्त होगा | वराह पुराण केअनुसार परशुराम जी के जन्म दिनपर उपवास रखने एवं परशुराम पूजा अर्चना करने से अगले जन्म में उनको राजा बनने कासौभाग्य प्राप्त होगा | परशुराम जयंती 3 मई 2022 को आने परशुराम जयंती का दिन सिंहस्थ के पर्व का भी है | इसलिए यह दिन और अधिकमहत्त्वपूर्ण हो जाता है | आइये हम सब भी इस दिन भगवानपरशुराम की पूजा में शामिल हो कर परशुराम भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करें |
डा.जे.के.गर्गपूर्वसंयुक्त निदेशक कालेज शिक्षा जयपुर