नई दिल्ली, 23 मई, 2022 : टाटा पावर और टाटा मोटर्स ने संवहनीय विनिर्माण के लिये टाटा ग्रुप की प्रतिबद्धता को और भी मजबूत करते हुये चिखाली, पुणे में टाटा मोटर्स के यात्री वाहन संयंत्र में 7 एमडब्ल्यूपी के एक सोलर रूफटॉप प्रोजेक्ट के विकास के लिये साझेदारी की है। दोनों कंपनियों द्वारा संयुक्त रूप से विकसित 17 एमडब्ल्यूपी के ऑन-साइट सोलर प्रोजेक्ट का यह तीसरा फेज है, जिसमें से 10 एमडब्ल्यूपी को पहले इंस्टाल किया जा चुका है। टाटा पावर द्वारा किये गये इस नये इंस्टालेशन के साथ टाटा मोटर्स की यात्री वाहन विनिर्माण इकाई में भारत का सबसे बड़ा ऑन-साइट सोलर प्रोजेक्ट स्थापित होगी।
टाटा मोटर्स और टाटा पावर ने हाल ही में इस सोलर प्रोजेक्ट के लिये एक पावर पर्चेज एग्रीमेंट (पीपीए) पर हस्ताक्षर किये थे। यह इंस्टालेशन मजबूत और संवहनीय भविष्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और कुल मिलाकर 23 मिलियन यूनिट्स बिजली पैदा कर सकता है और 5.23 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड को कम कर सकता है। यह 8.36 लाख पेड़ लगाने और उनके जीवन के बराबर होगा।
इस प्रोजेक्ट के विषय में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड में ऑपरेशंस के वाइस प्रेसिडेंट, श्री राजेश खत्री ने कहा कि,, ‘’टाटा मोटर्स शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने के लिये ग्रीनहाउस गैस का उत्सर्जन कम करने की दिशा में कार्यरत है। टाटा पावर के साथ पुणे में अपने संयंत्र पर 7 एमडब्ल्यूपी के एक अतिरिक्त रूफ टॉप सोलर प्लांट को इंस्टाल करने हेतु नये अनुबंध के साथ हम 100% नवीकरणीय ऊर्जा के अपने लक्ष्य के करीब पहुँचेंगे। इस सुविधा की शुरूआत के बाद हम भारत का सबसे बड़ा ऑनसाइट सोलर इंस्टालेशन बन जाएंगे।‘’
आरई100 के एक हस्ताक्षरकर्ता के तौर पर टाटा मोटर्स अपने परिचालन में 100 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग हेतु प्रतिबद्ध है। इस उद्देश्य के लिये उसने अपने परिचालन में उपयोग होने वाली नवीकरण योग्य ऊर्जा के अनुपात को धीरे-धीरे बढ़ाया है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2022 में 92.39 मिलियन केडब्ल्यूएच नवीकरणीय बिजली पैदा की थी, जो उसके कुल बिजली उपभोग का लगभग 19.4% थी। कंपनी 2030 तक 100% नवीकरणीय ऊर्जा प्राप्त करने का अपना लक्ष्य हासिल करने के लिये ज्यादा कठोरता से नवीकरण योग्य ऊर्जा लेने की योजना पर भी काम कर रही है।
परियोजना के विस्तार पर बात करते हुए, टाटा पावर में न्यू बिजनेस सर्विसेस के चीफ श्री गुरिंदर सिंह संधू ने कहा कि, ‘’टाटा मोटर्स के पुणे संयंत्र में भारत के सबसे बड़े ऑन-साइट सोलर प्रोजेक्ट का होना अपने व्यवसाय में हरित होने के हमारे साझा लक्ष्य का प्रमाण है। यह परियोजना भारत में नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने वाली शीर्ष कंपनियों में से एक के तौर पर टाटा मोटर्स की स्थिति को मजबूती देती है। हम परियोजना के निष्पादन की क्षमताओं और तकनीकी विशेषज्ञता से अपने भागीदारों के लिये विशेष महत्व की पेशकश करते हैं।‘’
टाटा पावर की पृष्ठभूमि में कई बड़े सोलर रूफटॉप समाधानों के निष्पादन की सफलता निहित है, जैसे कि राधास्वामी सत्संग व्यास (आरएसएसबी), अमृतसर में एक ही स्थान पर विश्व के सबसे बड़े रूफटॉप में से एक (16 मेगावाट), कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 2.67 मेगावाट, 820.8 केडब्ल्यूपी क्षमता के साथ विश्व के सबसे बड़े सोलर-पावर्ड क्रिकेट स्टेडियमों में से एक क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (सीसीआई), बेंगलुरु में डेल टेक्नोलॉजीस में सोलर वर्टिकल फार्म (120केडब्ल्यू) का अनूठा इंस्टालेशन और टाटा केमिकल्स, नेल्लोर में 1.4 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर। इसके अलावा, टाटा पावर पूरे भारत में एक विस्तृत आवासीय रूफटॉप प्रोग्राम चला रही है, जिसका उद्देश्य सौर ऊर्जा के माध्यम से बचत के लाभों के प्रति लोगों को जागरूक करना है।