नयी दिल्ली, 24 मई, 2022: कोरोना महामारी लगभग खत्म के साथ पिछले कुछ महीनों में ऑनलाइन यात्रा बुकिंग में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है जिसमें ज्यादातर यात्री गर्मी की यात्रा खासकर विदेश यात्रा के लिए पहले से योजना बना रहे हैं क्योंकि कई देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा बहाल हो गई है। इससे सभी डिजिटल यात्रा एवं पर्यटन प्लेटफॉर्मों जबरदस्त बुकिंग हो रही है और इससे ग्राहकों के यात्रियों के ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने का भी जोखिम बढ़ा है और उनका हॉलिडे प्लान चैपट हो रहा है। इस दिशा में लोगों में जागरूकता लाने के लिए धोखाधड़ी की पहचान और उनकी रोकथाम करने वाली विश्व की अग्रणी कंपनी एमफिल्टरइट ने ऐसी बड़ी धोखाधड़ी के मामलों पर अध्ययन की रिपोर्ट आज पेश की जो यात्रा उद्योग में घटित हो रही है। इस रिपोर्ट में यह बताया गया है कि कैसे यात्रियों को इन ऑनलाइन धोखाधड़ियों से बचने के लिए जागरूक होना चाहिए।
एमफिल्टरइट के निदेशक और सह संस्थापक अमित रेलान ने कहा, “बड़ी आबादी की योजनाओं में यात्रा फिर से शामिल हो गई है, लेकिन इसके साथ ही यात्रा एवं पर्यटन उद्योग ने पिछले वर्ष यात्रा से जुड़ी धोखाधड़ी के मामलों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया है। कुछ रिपोट्र्स के मुताबिक, इन दिनों क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी सबसे प्रमुख है जिसमें ग्राहक लेनदेन करने के लिए फर्जी या चोरीशुदा क्रेडिट कार्ड का उपयोग करता है। ग्राहकों को यात्रा क्षेत्र में धोखाधड़ी की बढ़ती ऐसी गतिविधियों के प्रति सचेत किया जाना चाहिए और उन्हें अपनी भावी यात्रा की योजना बनाते समय खुद को इससे दूर रखना चाहिए। साथ ही उन्हें ऐसी धोखाधड़ी वाली वेबसाइटों की सूचना संबद्ध अधिकारियों को देनी चाहिए। हमें उम्मीद है कि हमारा अध्ययन इस विषय पर जागरूकता बढ़ाने में मददगार होगा।”
ट्रांसयूनियन के मुताबिक, यात्रा एवं पर्यटन उद्योग को लेकर संदिग्ध डिजिटल धोखाधड़ी के प्रयासों का प्रतिशत दुनियाभर में बढ़कर 68.4 प्रतिशत पहुंच गया है। ये धोखाधड़ी विभिन्न रूपों में हो सकता है जहां ग्राहकों को विभिन्न तरीकों से ठगा जाता है। भारत में भी इस तरह का रूख देखा जा रहा है।
एमफिल्टरइट ने यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र में धोखाधड़ी के प्रमुख वर्गों को चिन्हित किया है
चार्जबैक धोखाधड़ी एवं फर्जी चोरीशुदा क्रेडिट कार्डः धोखाधड़ी का यह प्रयास ग्राहक का क्रेडिट कार्ड नंबर और पहचान की अन्य सूचना हासिल करने के साथ शुरू होता है। बोनस लॉयल्टी के दुरूपयोग और चोरीशुदा क्रेडिट कार्ड से बुकिंग करने से एयरलाइन की आय बर्बाद होती है जिससे परिणाम स्वरूप चार्जबैक हो सकता है।
एमएसएम या ईमेल अलर्ट के जरिये क्रेडिट कार्ड भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग पर निरंतर नजर रखना, अपने क्रेडिट कार्ड नंबर के कागजात नष्ट करना और कार्ड गुम होने या चोरी होने की सूचना तत्काल अधिकारियों को देना इस तरह की धोखाधड़ी रोकने में मददगार साबित हो सकता है।
फर्जी ट्रैवेल वेबसाइटों/ होटल एवं ऐप क्लोनिंगः आजकल ज्यादातर घोटाले फर्जी ट्रैवेल वेबसाइटों द्वारा किए जाते हैं। नकली एयरलाइन टिकटें बेचने, फर्जी होटल कमरों की बुकिंग, झूठे वैकेशन पैकेज बेचने और वाहनों को फर्जी रूप से किराये पर देने वाली इन वेबसाइटों द्वारा दुनियाभर के यात्रियों के साथ धोखाधड़ी की जा चुकी है। इसके साथ ही ये वेबसाइटें एक ही बुकिंग आईडी के साथ कई होटलों की बुकिंग करती हैं जिसकी जांच करने की परवाह ज्यादातर उम्रदराज लोग नहीं करते।
इसी तरह, धोखाधड़ी करने के लिए लोकप्रिय ऐप्स के क्लोन बनाए जाते हैं जिन्हें थर्ड पार्टी प्ले स्टोर्स पर रखा जाता है जो असली ऐप की तरह दिखते हैं और इनके लोगो और फीचर्स भी असली ऐप जैसे होते हैं। यूजर अक्सर क्लोन ऐप के धोके में आ जाता है और उसे डाउनलोड कर लेता है। इस ऐप के भीतर मौजूद मालवेयर, डिवाइस पर नियंत्रण कर लेता है जिससे डिवाइस की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।
इससे बचने के लिए, अपना रिजर्वेशन सीधे होटल, एयरलाइन या रेंटल कार एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट से कराएं। वेबसाइट असली है या नकली, इसको लेकर यदि आप निश्चिंत नहीं हैं तो उस कंपनी को फोन कर सत्यापन करें।
एकाउंट टेकओवर (एटीओ): यह यात्रा उद्योग खासकर एयरलाइन्स और होटलों के लिए एक प्रमुख मुद्दा है। इस तरह की धोखाधड़ी तब होती है जब धोखाधड़ी करने वाला व्यक्ति डेटा में सेंध लगाकर या अन्य माध्यमों जैसे फिशिंग आदि के जरिये आपकी या ट्रैवेल एजेंट के एकाउंट की सूचना तक पहुंच हासिल कर लेता है और फिर अवैध लेनदेन करने के लिए खुद को एक वैध ग्राहक या ट्रैवेल एजेंट के तौर पर पेश करता है।
3-डी सिक्योर ऑनलाइन पिन, आसान टू फैक्टर प्रमाणीकरण जैसी व्यवस्थाओं का उपयोग करने से एटीओ से रोकथाम में मदद मिलती है। जब अधिकृत कर्मचारी उस ट्रैवेल एजेंसी के बुकिंग प्लेटफॉर्म पर लॉग इन करता है तो उसे उसके मोबाइल फोन पर एक वेरिफिकेशन अनुरोध प्राप्त होता है जिससे अनाधिकृत व्यक्तियों को उस प्रणाली पर जाने से रोका जा सकता है।
बेट एंड स्विच एयरलाइन डील्सः ऑफशोर इंटरनेट ट्रैवेल सर्विसेज के बीच यह सबसे आम धोखाधड़ियों में से एक है। यह धोखाधड़ी सर्च इंजन या पॉप अप विज्ञापन का उपयोग कर किया जाता है जिसमें आपसे यात्रा पर भारी बचत का दावा किया जाता है। जब व्यक्ति उस वेबसाइट पर जाता है तो उसे बड़ी ऑनलाइन ट्रैवेल फर्मों के मुकाबले काफी कम कीमत में पैकेज देखने को मिलता है। इस तरह की लोक लुभावनी पेशकश की पहचान बड़ी आसानी से की जा सकती है क्योंकि यह जरूरत से अधिक अच्छा और सही दिखाई पड़ता है। थोड़ी से जांच पड़ताल से इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।
साइबर सेंधमारी एवं बॉट हमलेः साइबर सेंधमारी का प्रयास ऐसे किसी भी ट्रैवेल कंपनी को लक्ष्य बनाकर किया जा सकता है जिसके पास ग्राहकों का काफी डेटा है। इससे कंपनी की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाई जा सकती है और उसे कानूनी पचड़ों में उलझाया जा सकता है। ट्रैवेल साइटों पर बॉट हमले अब कहीं अधिक एडवांस हो गए हैं और इसका लक्ष्य ग्राहकों के संवेदनशील डेटा तक पहुंच हासिल करना या फर्जी प्रतिस्पर्धी कंपनियों को लाभ प्रदान करना है।
ग्राहकों को भुगतान कार्ड उद्योग की डेटा सुरक्षा मानकों को लेकर संवेदनशील होना चाहिए और उचित ढंग से डिजिटल डेटा उपलब्ध कराना चाहिए। साथ ही डेटा सुरक्षा की व्यवस्थाओं जैसे मजबूत पासवर्ड आदि को लेकर जागरूकता बढ़ानी चाहिए।
ऑनलाइन धोखाधड़ी निश्चित तौर पर यात्रियों के लिए एक गंभीर जोखिम बन गया है। ट्रैवेल कारोबारियों को अपने ब्रांड की ओर से किसी फर्जी दावों पर निरंतर नजर रखने की जरूरत है क्योंकि इससे ब्रांड की छवि धूमिल होती है।