नई दिल्ली, 31 मई 2022: विश्व पर्यावरण दिवस से पहले भारत की सबसे बड़ी हॉस्पिटैलिटी कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी (आईएचसीएल) ने अपने ईएसजी प्लस फ्रेमवर्क पथ्य के तहत कई संवहनीय और सामाजिक प्रभाव डालने वाले कदम उठाए हैं। इस साल की थीम ’केवल एक पृथ्वी’ के मुताबिक कंपनी ने पथ्य के 6 स्तंभों – पर्यावरणीय प्रबंधन, सामाजिक जिम्मेदारी, गवर्नेंस में उत्कृष्टता, विरासत संरक्षण, वैल्यू चेन परिवर्तन और संवहनीय वृद्धि – के तहत कुछ उपाय किए हैं।
पथ्य के अंतर्गत वर्ष 2030 तक पूरे किए जाने वाले अल्पकालिक व दीर्घकालिक कुछ तय लक्ष्य हैं। इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आईएचसीएल का प्रयास है की कई कदमों के साथ एक बेहतर कल के निर्माण की अग्रसर हुआ जाए जिनमें शामिल हैं:
अर्थचैक प्रमाणनः आईएचसीएल के 77 होटल हैं जो अपने संवहनीय तौर-तरीकों के लिए अर्थचैक से प्रमाणित हैं, इनमें से 57 होटलों को प्रीमियम प्रमाणन प्राप्त हुआ है। इस साल आईएचसीएल ने 13 और होटलों को प्रमाणन प्रक्रिया में शामिल किया है।
कचरा प्रबंधनः कचरे को न्यूनतम करने व उसका प्रबंधन करने के लक्ष्य के साथ आईएचसीएल ने बीते साल अपने 25 होटलों में रसोई से निकलने वाले कचरे के प्रबंधन के लिए वेस्ट कम्पोस्टर स्थापित किए हैं; इसके साथ ही कंपनी के ऐसे होटलों की तादाद 67 हो गई है। इससे यह सुनिश्चित किया गया है की लैंडफिल्स को भेजे जाने वाले कचरे में 17000 क्यूबिक मीटर की कमी आई है, जो की 20 फीट के 515 स्टैंडर्ड शिपिंग कंटेनरों के बराबर है।
ग्रीन फुटप्रिंटः आईएचसीएल कार्बन फुटप्रिंट घटाने पर खास ध्यान देती है और इसलिए कंपनी ने इस साल अपने होटलों में कुल 1 लाख पौधे लगाने की शपथ ली है, ताकी हरेभरे भविष्य का मार्ग प्रशस्त हो।
इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंगः कंपनी प्रतिबद्ध है की होटल गैस्ट पार्किंग क्षेत्र का 5 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग हेतु समर्पित रहेगा। इस हेतु कंपनी ने टाटा पावर को अपना सहयोगी बनाया है और अपने सभी होटलों में ईवी चार्जिंग स्टेशन इंस्टॉल करने के लिए एक एमओयू पर दस्तखत किए हैं।
ऊर्जा संरक्षणः वर्ष 2030 तक आईएचसीएल की 50 प्रतिशत ऊर्जा नवीकरणीय स्त्रोतों से आएगी।
आजीविका पर असरः आईएचसीएल का लक्ष्य है कौशल विकास के माध्यम से एक लाख से ज्यादा युवाओं की आजीविका पर सकारात्मक असर डालना, इस प्रकार वंचित वर्ग के योग्य युवाओं की रोजगार हासिल करने की क्षमता में इजाफा होगा।
विरासतः भारतीय विरासत संरक्षक के रूप में आईएचसीएल इंटेजिबल कल्चरल हैरिटेज प्रोजेक्ट को 100 प्रतिशत अपनाएगी और जहां भी कंपनी परिचालन कर रही है वहां यूनेस्को के साथ काम करना जारी रखेगी।
संस्कृत शब्द पथ्य के शीर्षक वाली इस पहल का लक्ष्य है आईएचसीएल के बुनियादी मूल्यों पर चलते हुए सकारात्मक बदलाव लाना, ये मूल्य हैं:- सभी स्टेकहोल्डरों का भरोसा, हमारे वातावरण की जरूरतों के बारे में जागरुकता और दिल में खुशी।
पथ्य के अंतर्गत, आईएचसीएल पर्यटन उद्योग के लिए उत्कृष्टता एवं मापदंड स्थापित करने के लिए संवहनीय तौर-तरीकों में सबसे आगे बनी रहेगी।