साउथ कोरिया में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं 11 प्रतियोगी; वर्ल्डस्किल्स 2022 के लिए एक साथ सीख कर बढ़ा रहे हैं अपना कौशल

नई दिल्ली, 31 मई, 2022: भारत ने कोरिया के ह्यूमन रिसोर्सज़ डेवलपमेंट सेर्विस ऑफ़ कोरिया द्वारा आयोजित कौशल प्रतियोगिता हेतु कोरिया स्किल ट्रांसफर फॉर एस्पायरिंग रीजन कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम में भाग लेने के लिए साउथ कोरिया में 11 ट्रेनीज़ को भेजा है जिससे उनकी पीयर लर्निंग और प्रतिस्पर्धा में सुधार होगा। यह कार्यक्रम 23 मई 2022 को शुरू हुआ है और 3 जून 2022 तक रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया, ह्यूमन रिसोर्सज़ डेवलपमेंट सेर्विस ऑफ़ कोरिया के ग्लोबल इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफरिंग स्किल्स में चलेगा।

कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम का उद्देश्य उन प्रतिभागियों के कौशल और दक्षताओं को बढ़ाना है जोकि अक्टूबर 2022 में होने वाली वर्ल्डस्किल्स शंघाई की तैयारी कर रहे हैं। कोरिया स्किल ट्रांसफर फॉर एस्पायरिंग रीजन भारतीय छात्रों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है और वर्ल्ड स्किल्स में जीतने के करीब लाता है। वर्ल्ड स्किल्स कौशल प्रतियोगिताओं का वैश्विक बेंचमार्क है जो 65 से अधिक देशों के प्रतिभागियों को एक साथ लाता है।

इंडियास्किल्स 2021 राष्ट्रीय प्रतियोगिता के स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं के बीच आयोजित कई सिलेक्शन टेस्ट के आधार पर भारतीय ट्रेनीज़ का चयन किया गया है। उनके साथ एक्सपर्ट्स भी जा रहे हैं, जो या तो इंडस्ट्री और एकेडेमिक क्षेत्र से हैं या अपने संबंधित ट्रेडों में नॉलेज और एक्स्पीरिएंस रखते हैं। उक्त 11 ट्रेनीज़ (नीचे अनुलग्नक में प्रोफाइल देखें) नौ स्किल्स का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जिसमें प्रत्येक स्किल के लिए एक विशेषज्ञ के साथ दो टीम स्किल, मेक्ट्रोनिक्स और मोबाइल रोबोटिक्स शामिल हैं।

इंडस्ट्री 4.0 के आगमन और टेक्नोलॉजी के विकास ने, विशेष रूप से कोविड -19 महामारी की शुरुआत के साथ, लर्नर्स के साथ-साथ इंडस्ट्री के लिए न्यू एज स्किल्स का पता लगाने के लिए नए दरवाजे खोले हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, भारत ने ऐसे ट्रेनीज़ को भेजा है जो 3डी डिजिटल गेम आर्ट, इलेक्ट्रिकल इंस्टालेशन, मोबाइल रोबोटिक्स और मेक्ट्रोनिक्स जैसे स्किल्स में उत्कृष्ट हैं। प्रतियोगी मॉड्यूल-वाइज़ कॉन्सेप्ट ट्रेनिंग से गुजर रहे हैं, वर्ल्ड स्किल्स मार्किंग सिस्टम पर नॉलेज प्राप्त कर रहे हैं और भारत के साथ-साथ साउथ कोरिया के इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से सीख रहे हैं। इसकी वर्कशॉप्स सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स डिजिटल सिटी सुवन, कोरिया पॉलिटेक्निक पोहांग कैंपस, हुंडई हेवी इंडस्ट्रीज और ओसान यूनिवर्सिटी सहित कई स्थानों पर आयोजित की जा रही हैं। सभी कोविड-19 प्रोटोकॉलों का सख्ती से पालन किया जा रहा है।

वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता दुनिया में सबसे बड़ी वोकेशनल एजुकेशन और स्किल एक्सीलेंस का कार्यक्रम है, जो ग्लोबल इंडस्ट्री के बेंचमार्क को दर्शाता है। शंघाई लेग, जो इसका 46वां संस्करण होगा, 1,400 से अधिक युवा प्रोफेशनल्स को एक साथ लाएगा, जो 65 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व करेंगे और 60 से अधिक कौशल में प्रतिस्पर्धा करेंगे।

1950 में स्थापना के बाद से, वर्ल्डस्किल्स ने अपनी कौशल प्रतियोगिताओं के माध्यम से कौशल में ग्लोबल एक्सीलेंस का प्रदर्शन करते हुए, वोकेशनल एजुकेशन और ट्रनिंग के वैश्विक मंच पर एक प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज की है। यह सभी देशों और क्षेत्रों, संगठनों और व्यक्तियों के लिए आर्थिक अवसरों की अधिक समानता बनाने में मदद करने के लिए दुनिया भर में स्किल स्टैण्डर्ड्स को बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहा है। इसका उद्देश्य युवा लोगों, इम्पलायर्स और समाजों के लिए वोकेशनल एजुकेशन और ट्रनिंग में महत्वाकांक्षा और अवसर बढ़ाना है।

भारतीय दल वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2022 में देश का प्रतिनिधित्व करेगा। प्रतिभागियों का चयन इंडियास्किल्स 2021 राष्ट्रीय प्रतियोगिता के विजेताओं में से किया जा रहा है, जहां 500 से अधिक उम्मीदवारों ने 54 कौशल में भाग लिया था। भारत ने कज़ान, रूस में आयोजित वर्ल्डस्किल्स 2019 के पिछले संस्करण में भी एक-एक स्वर्ण और रजत पदक, दो कांस्य पदक और उत्कृष्टता के 15 पदक जीतकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। भारत इस ग्लोबल इवेंट में भाग लेने वाले 63 देशों में 13वें स्थान पर था।

विश्व स्तर पर प्रासंगिक कौशल में अपने युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए भारतीय मिशन में कौशल प्रतियोगिताएं हमेशा एक बल देती रही हैं। इसके कारण टीम वर्क, कम्युनिकेशन, प्रॉबल्म सॉल्विंग और टाइम मैनेजमेंट जैसे सॉफ्ट स्किल्स को विकसित करके युवाओं को अधिक रोजगारपरक बनने में मदद मिलती है। ये प्रतियोगिताएं युवाओं को अपने क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ प्रोफेशनल्स को करीब से देखने और उनके स्टैण्डर्ड्स को वैश्विक स्तर तक बढ़ाने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती हैं। कौशल को आकांक्षी बनाने के दृष्टिकोण से, कौशल प्रतियोगिताएं बच्चों, माता-पिता, ट्रेनर्स, टीचर्स और इम्पलॉयर्स के बीच फ्यूचर करियर और सफलताओं को एक आकार देती हैं। ये प्रतियोगताएं राष्ट्र के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कौशल के बारे में जागरूकता बढ़ाती हैं।

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