डॉ लक्ष्मी नारायण सिंह चौहान ‘चातक’ के दो काव्यसंग्रहों का विमोचन

जयपुर // अखिल भारतीय साहित्य परिषद् राजस्थान जयपुर महानगर के मानसरोवर स्थित कार्यालय में हिंदी के मूर्धन्य साहित्यकार व कवि डॉ लक्ष्मी नारायण सिंह चौहान ‘चातक’ के दो काव्यसंग्रहों क्रमशः भारतीय त्यौहार ( गीत संग्रह ) और राष्ट्र गौरव ( जयंती – गीत संग्रह ) का विमोचन वरिष्ठ साहित्यकार एवं साहित्य परिषद् के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ मथुरेशनन्दन कुलश्रेष्ठ द्वारा किया गया। परिषद् के संयुक्त महासचिव साकार श्रीवास्तव फ़लक ने बताया कि इस अवसर पर पुस्तक समीक्षा इंद्रकुमार भंसाली व राज चतुर्वेदी ने प्रस्तुत की वहीँ डॉ चातक ने बताया कि ये पुस्तकें बहुत सरल व सहज भाषा में लिखी गयीं हैं। इन पुस्तकों को लिखने का उद्देश्य यह है कि छोटे बच्चों को यह कविताएं याद हो सकें और वे इन्हें अपने स्कूल बाल सभाओं, उत्सवों, जयंती कार्यक्रमों में सुना सकें। बच्चों में जानकारी के साथ संस्कारों का भी विकास हो।डॉ मंजुलता भट्ट ने डॉ चातक के गीत की संगीतमय प्रस्तुति दी।डॉ चातक के पुत्र पृथ्वीराज सिंह चौहान ने बताया की डॉ चातक के साहित्य को सहेजने के लिए इनकी लिखी सभी पुस्तकों के नवीन एवं परिष्कृत संस्करण निकाले जा रहे हैं। कार्यक्रम का सञ्चालन डॉ संगीता सक्सेना ने किया। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य साहित्यकारों ने भाग लिया।

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