नयी दिल्ली, 13 सितंबर, 2022: रूस के आर्कटिक जोन के नौ क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने नॉर्दर्न प्रोफेशंस में पहली पेशेवर कौशल चैम्पियनशिप में भाग लिया, जिसका आयोजन 10-14 अगस्त के दौरान मरमंस्क में हुआ. एजेंसी फॉर दी डेवलपमेंट ऑफ स्किल्स एंड प्रोफेशंस के 100 से अधिक विशेषज्ञों ने 15 विषयों की प्रतियोगिताओं में 80 प्रतियोगियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया, जिनकी उम्र 16 से 22 वर्ष थी. रूस को 2021-2023 के लिए आर्कटिक परिषद की अध्यक्षता मिली है. इस चैम्पियनशिप को इसी के सिलसिले में मुख्य कार्यक्रमों के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया. इसका आयोजन रॉसकांग्रेस फाउंडेशन ने किया.
इस चैम्पियनशिप की एक खास बात यह रही कि इसके आयोजकों ने इसी तरह के आयोजनों के विशिष्ट विदेशी मानकों का अनुसरण नहीं करने का विकल्प चुना, बल्कि उन्होंने आर्कटिक की कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले पेशेवरों को ध्यान में रखते हुए खुद का मानक तैयार किया. इस चैम्पियनशिप से रूस के आर्कटिक क्षेत्रों के सामाजिक व आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है और इससे युवा पेशेवर प्रेरित होते हैं.
मरमंस्क क्षेत्र के डिप्टी गवर्नर यूरी फोमिन ने समापन समारोह के दौरान कहा, “इन युवाओं ने प्रतियोगिता के तीन दिनों के दौरान अपनी क्षमता का सक्षम प्रदर्शन किया. मेरे लिए, प्रत्येक प्रतिभागी वास्तव में एक हीरो है, जिसकी क्षमताएं हर गुजरते साल के साथ बढ़ती जाएंगी. आर्कटिक क्षेत्र के उद्यमों और देश की अर्थव्यवस्था को नई पीढ़ी के ऐसे इनोवेटर्स और उनके साथ-साथ नए विचारों व अपरंपरागत समाधानों की आवश्यकता है. बेशक, इन बच्चों का भविष्य बहुत अच्छा है.”
रूसी संघ के डिपार्टमेंट फॉर दी डेवलपमेंट ऑफ दी आर्कटिक जोन एवं मिनिस्ट्री फॉर दी डेवलपमेंट ऑफ दी रशियन फार ईस्ट एंड दी आर्कटिक के इम्पलीमेंटेशन ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में डाइरेक्टर सोसलान अबीसालोव ने इस मौके पर कहा कि रूसी आर्कटिक क्षेत्र का विकास देश की व्यापक आर्थिक वृद्धि के लिए अहम है. उन्होंने यह भी माना कि इस क्षेत्र में अच्छे संख्या में कर्मचारी हों, यह सुनिश्चित करना मुख्य चुनौती है, क्योंकि इस प्रक्रिया में लोग ही मुख्य संसाधन हैं. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के नागरिकों की प्रतिभा को उभारने के लिए यहां लगातार और व्यवस्थित कार्य जारी रखने की आवश्यकता है.
अबीसालोव ने कहा, ”नॉर्दर्न प्रोफेशन चैम्पियनशिप इस दिशा में उठाया गया एक और कदम था. यह आयोजन सालाना होगा, लेकिन इसका आयोजन स्थल रूसी संघ के आर्कटिक क्षेत्र में बदलते रहेगा. मरमंस्क में सबसे कम उम्र के प्रतिभागी ने तंबूरा बजाकर इसकी शुरुआत की. क्रास्नोयार्स्क क्षेत्र के सोलह वर्षीय डेनिस मिरोनोव इंजीनियरिंग डिजाइन में एक प्रतियोगी हैं. बारहसिंगा पालन, आर्कटिक पर्यटन, लकड़ी व हड्डी पर नक्काशी और आर्कटिक के मूल निवासियों के लोक शिल्प में विशेषज्ञता पर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं. मुझे यकीन है कि अगले साल इस चैम्पियनशिप कार्यक्रम में और भी इवेंट होंगे, जो युवा लोगों का ध्यान आकर्षित करेंगे और उन व्यवसायों के विकास को प्रोत्साहन प्रदान करेंगे, जो रशियन नॉर्थ के लिए जरूरी हैं.”
नॉर्दर्न प्रोफेशंस की पहली पेशेवर कौशल चैम्पियनशिप ने एजेंसी फॉर दी डेवलपमेंट ऑफ स्किल्स एंड प्रोफेशंस की पारंपरिक विशेषज्ञता को रेखांकित किया. इसके साथ ही इस आयोजन ने राष्ट्रीय व्यंजन, आर्कटिक पर्यटन और उत्तर के मूल निवासियों के लोक शिल्प जैसी उन विशेषताओं को भी उभारा, जो आर्कटिक क्षेत्र के श्रम बाजार के मूल चरित्र हैं.
एजेंसी फॉर दी डेवलपमेंट ऑफ स्किल्स एंड प्रोफेशंस के जनरल डाइरेक्टर के सलाहकार आंद्रेय पिविंस्की ने कहा, ”उद्योग आधारित चैम्पियनशिप काफी महत्वपूर्ण हैं. एक ओर वे वास्तविक उत्पादन प्रक्रिया को प्रदर्शित करने और विशेषज्ञों को स्वतंत्र व खुला मूल्यांकन करने में मदद करते हैं. दूसरी ओर, इससे संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच मिलता है, जहां कौशल की नई मांगें सामने आती हैं और विशेषज्ञता में बदलाव होता है. सभी आर्कटिक क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था के लिए एकीकृत व्यवस्था तैयार करने, उद्यमों की जरूरतों व शैक्षणिक संस्थानों की क्षमताओं के बीच समन्वय स्थापित करने और विभिन्न क्षेत्रों के बीच एक समन्वयित मानव संसाधन नीति का पालन करने से शानदार परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं.”
आधिकारिक समापन समारोह के मौके पर अबीसालोव को चैंपियनशिप ध्वज भेंट किया गया. ध्वज को बाद में उस क्षेत्र में ले जाया जाएगा जहां अगले साल प्रतियोगिता का आयोजन होगा.
इस चैम्पियनशिप का आयोजन मरमंस्क की क्षेत्रीय सरकार और मिनिस्ट्री फॉर दी डेवलपमेंट ऑफ दी रशियन फार ईस्ट एंड आर्कटिक के द्वारा किया जा रहा था.
आर्कटिक परिषद की रूसी अध्यक्षता की एक अहम प्राथमिकता आर्कटिक के सतत विकास के लिए जिम्मेदार शासन सुनिश्चित करना है, जो काफी हद तक मानव पूंजी की गुणवत्ता पर निर्भर है. उत्तर के लोगों की स्थिरता और व्यवहार्यता को बनाए रखने, उन्हें जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने, लोगों की भलाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और पूरे क्षेत्र में स्थायी सामाजिक आर्थिक विकास सुनिश्चित करने को खास तरजीह दी जा रही है.