यथा स्थिति में ही पुष्कर का पुनरुद्वार कराने की मांग की

अजमेर/उज्जैन ,काशी व अयोध्या में कॉरिडोर बनाने के नाम पर वहां की धार्मिक नगरयों की शक्ल को बिगाड़कर कमाई करने के लिए, पर्यटक स्थल विकास करने के नाम पर वहां हजारों लोगों को बेरोजगार कर दिया और उनकी जमीन कौड़ियों के दाम पर खरीद कर महंगे दामों में ,ज्यादातर गुजरात के उद्योगपतियों को बेच दी गई और इस बीच अयोध्या में तो भारी दलाली खाने के भी समाचार मिले हैं । यहां तक की ट्रस्टियों ने ही जिस दिन जमीन खरीदी, उसी दिन करोडो का फायदा लेकर दूसरे को बेच दी ।
उन धार्मिक स्थलों पर जो स्थानीय निवासी पूजा सामग्री आदि बेचकर अपना घर द्वार चलाते थे वह सब बेरोजगार हो गए ,अनेकों को तो अभी तक भी मुआवजा राशि नहीं दी ऐसा समाचार पत्रों में पढ़ने में आता है ।
अब इसी कड़ी में सत्ताधीशों की नजर प्राचीनतम धार्मिक स्थल पुष्कर ,जो पूरे विश्व में एक मात्र, ब्रह्मा जी के मंदिर के तीर्थ स्थल पुष्कर के नाम से जाना जाता है,पर पड़ी है और यहां पर उसी तर्ज पर कॉरिडोर बनाने की तैयारी चल रही है ।
इस कड़ी में निर्माण की रूपरेखा बनने से पहले ही स्थानीय निवासियों व दुकानदारों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है । अगर यहां कॉरिडोर बना तो बाद में यह प्राचीन धार्मिक स्थल से बदलकर पर्यटक स्थल के रूप में एक व्यापारिक केंद्र बन जाएगा ।
अपने आप को हिंदू समर्थक सरकार कहलाने वाली भाजपा के लिए यह निंदा का विषय है कि वह भारत से धीरे-धीरे धार्मिक स्थलों के मूल स्वरूप को नष्ट कर रही है और कारीडोर के नाम पर सैकड़ो मंदिरों /मकानों/दुकानों को ध्वस्त करवाने का प्रयास कर रही है ।
राजस्थान सार्वजनिक प्रन्यास मंडल ,देवस्थान विभाग के पूर्व सदस्य एवं अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष प्रताप सिंह यादव ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक पत्र लिखकर इस प्रकार का कॉरिडोर जिससे पुष्कर का धार्मिक नगरी का रूप स्वरूप बदलता हो व हजारों नागरिक बेरोजगार होते हो ,ऐसे कार्य पर पुनर्विचार कर यथा स्थिति में ही पुष्कर का पुनरुद्वार कराने की मांग की ।

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