कार्यक्रम के दौरान उन्होंने छात्राओं को बाल विवाह मुक्त अभियान, नवीन कानूनों की जानकारी, साइबर क्राइम के प्रकार एवं रोकथाम, तथा महिला सुरक्षा केंद्र की सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह समाज के विकास में बाधा है और इसके विरुद्ध सामूहिक जागरूकता ही वास्तविक परिवर्तन ला सकती है। साथ ही साइबर अपराधों से बचने के लिए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और किसी भी घटना पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. आर.सी. लोढ़ा ने कहा कि हमारी प्राथमिकता छात्राओं को केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि उन्हें कानूनी रूप से जागरूक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाना भी है।
श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति के मंत्री डॉ नरेंद्र पारख ने बताया कि आज के समय में छात्राओं को अपने अधिकार, कानून और सुरक्षा उपायों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार की जागरूकता गतिविधियां उन्हें अधिक सशक्त और आत्मविश्वासी बनाती हैं।
कार्यक्रम में नोडल ऑफिसर छवि गरवाल, मेकअप व्याख्याता प्रियंका मंगरोला, नीलम खत्री, फैशन डिज़ाइनिंग व्याख्याता ऋतु प्रजापति, भावना सोनी सहित अनेक छात्राएं उपस्थित रहीं।