जयपुर, जनवरी 2026 । कारदेखो समूह की सीएसआर इकाई गिरनार फाउंडेशन ने हाल ही में जयपुर और गुरुग्राम में सामुदायिक पहुंच को ध्यान में रखते हुए कई गतिविधियां जैसे वार्म केयर ड्राइव और एजुकेशन से जुड़े कार्यक्रम शुरू किए हैं। जैसे-जैसे उत्तर भारत में सर्दी तेज हो रही है, फाउंडेशन ने जरूरतमंद समुदाय के बच्चों को स्वेटर और विंटर किट सहित 400 से ज़्यादा सर्दियों की ज़रूरी चीज़ें वितरित की हैं। फाउंडेशन की इस पहल का मकसद ठंड के महीनों में बच्चों को गर्मी, आराम और सम्मान देने के साथ ही सामूहिक देखभाल और सामाजिक ज़िम्मेदारी के महत्व को भी रेखांकित करना है।
सर्दी से राहत देने के अलावा, गिरनार फाउंडेशन ने शिक्षा और स्वास्थ्य तक पहुंच को मजबूत करने के लिए अपनी तिमाही प्रतिबद्धता जारी रखी है। अपनी ‘शिक्षा का तोहफा’ पहल के तहत फाउंडेशन ने जयपुर के महात्मा गांधी सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को स्टेशनरी का सामान वितरित किया जिससे उनकी पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रह सके। इसके साथ ही, ‘फीमेल हेल्थ मैटर्स’ प्रोग्राम के तहत टीम ने लड़कियों को सैनिटरी पैड्स वितरित करने के अलावा माहवारी से जुड़ी स्वास्थ्य जागरूकता और बेहतरी को बढ़ावा दिया।
यह पहल फाउंडेशन की ओर से अपनाए गए संयुक्त राष्ट्र सतत् विकास लक्ष्यों एसजीडी 3 (अच्छा स्वास्थ्य और खुशहाली), एसजीडी 4 (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा) और एसजीडी 5 (जेंडर इक्वलिटी ) को साथ लेकर समुदायों के अंदर दीर्घकालिक, सर्वसमावेशी बदलाव लाने के लिए उसकी प्रतिबद्धता को दिखाती है।
गिरनार फाउंडेशन की प्रमुख पीहू जैन ने कहा, ‘त्योहारी सीजन इस बात की याद दिलाता है कि देखभाल, करुणा और साझा जिम्मेदारी ही सार्थक प्रभाव छोड़ सकती हैं। सर्दी से राहत, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी अपने कार्यक्रमों के जरिए हमारा लक्ष्य उन बच्चों और समुदायों को सम्मानजनक मदद देना है जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। साल 2025 खत्म हो रहा है और हम लगातार ज़मीनी स्तर पर ऐसा प्रभाव छोड़ने पर फोकस कर रहे हैं जो इस मौसम से परे लोगों को गर्मजोशी, अवसर और उम्मीद प्रदान करे।’
दूसरों की देखभाल और कुछ देने की भावना वाले त्योहारों के माहौल में गिरनार फाउंडेशन की वर्ष 2025 के आखिर की पहल शिक्षा, स्वास्थ्य और बाल कल्याण के क्षेत्र में एक-एक करके स्थायी, जमीनी प्रभाव डालने के गिरनार फाउंडेशन के मिशन को मजबूत करती हैं।