जयपुर, जनवरी 2026 : किसान और गांव के छोटे व्यापारी अक्सर सरकारी योजनाओं, सब्सिडी वाली सुविधाओं के मौके और सही तरह के लोन विकल्पों के बारे में कम जानकारी से परेशान रहते हैं। इससे सरकारी फायदे मिलने और उनका असल में इस्तेमाल करने के बीच एक बड़ा फर्क पड़ जाता है।
इस कमी को देखते हुए, कोटक महिंद्रा बैंक ने पारंपरिक लेंडिंग से आगे जाकर खुद को एक सलाहकार साथी (नॉलेज पार्टनर) बना लिया है। यह बैंक ग्राहकों को पूरी जानकारी के साथ सही फैसले लेने में मदद करता है और उनकी जरूरतों के हिसाब से आसान लोन देता है।
इस अंतर को कम करने के लिए, कोटक राज्य भर में सरकारी सब्सिडी योजनाओं, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एआईएफ), कोल्ड स्टोरेज सपोर्ट, मौसमी कार्यशील पूंजी संरचनाओं, और कमोडिटी प्लेज फाइनेंसिंग जैसे विषयों पर जागरूकता सत्र आयोजित करता है। हाल ही में नागौर में, बैंक ने कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) के दिग्गजों के साथ जुड़कर सब्सिडी से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्र बनाने पर जानकारी साझा की। यह एक ऐसा दृष्टिकोण है जो ग्राहक के विश्वास और वफादारी को मजबूत करता है।
मनीष कोठारी, ग्रुप प्रेसिडेंट और हेड – कमर्शियल बैंकिंग, कोटक महिंद्रा बैंक, ने कहा, “आज के ग्राहकों को एक ऐसे पार्टनर की आवश्यकता है जो उनकी चुनौतियों को समझे और उन्हें सही अवसरों की ओर ले जाए। राजस्थान में, हम किसानों, ट्रांसपोर्टर्स और छोटे व्यवसायों को प्रतिस्पर्धी फाइनेंसिंग, तेजी से टर्नअराउंड समय और तकनीक से संचालित समाधानों से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो बैंकिंग को सरल और सुलभ बनाते हैं।”
स्पीड और सहूलियत के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म: राजस्थान के ग्राहक अब सहूलियत और जल्दी काम होने की मांग कर रहे हैं। कोटक अपने डिजिटल ऐप्स और ऑटोमैटिक लोन प्रक्रियाओं से इस जरूरत को पूरा करता है, जो तेज फैसले, बिना कागजी प्रक्रियायें और आसान अनुभव देते हैं। चाहे मशीनरी के लिए ट्रैक्टर लोन हो, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए उपकरण लोन, या किसान व्यापारियों के लिए काम चलाने का पैसा और एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस हो, कोटक राज्य के बिजनेस लोगों की खास जरूरतों के हिसाब से समाधान देता है।
कृषि और इंफ्रा सेगमेंट में वृद्धि को गति देना: राजस्थान की कृषि बेल्ट—श्री गंगानगर, हनुमानगढ़ और अलवर—कृषि मशीनीकरण में अग्रणी हैं, जिन्हें ट्रैक्टरों की व्यापक पहुंच और मजबूत डीलरशिप नेटवर्क का समर्थन मिला है। खेतों में उनके नियमित उपयोग के अलावा, ट्रैक्टरों का उपयोग कृषि एवं व्यावसायिक परिवहन, निर्माण समर्थन और खनन-संबंधी परिवहन के लिए तेजी से हो रहा है, जिससे लचीले वित्तपोषण समाधानों की मांग पैदा हो रही है। कोटक की ट्रैक्टर फाइनेंसिंग में नेतृत्व की स्थिति है तथा अधिकांश एपीएमसी क्लस्टर्स को फाइनेंस करता है, जो स्थानीय उद्यमों को संचालन बढ़ाने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को आधुनिक बनाने में मदद करता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो, राजमार्गों और जल संसाधन परियोजनाओं—जिसमें नहर प्रणालियाँ और बाँध शामिल हैं—का विस्तार कनेक्टिविटी और सिंचाई विश्वसनीयता में सुधार ला रहा है। जयपुर के एक व्यावसायिक केंद्र के रूप में उभरने तथा कोटा, उदयपुर और भीलवाड़ा में खनन पट्टियों को देखते हुए, व्यावसायिक वाहनों और निर्माण उपकरण की फाइनेंसिंग की मांग काफी बढ़ रही है।
इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए, कोटक महिंद्रा बैंक अपनी ग्राउंड कवरेज टीमों का विस्तार कर रहा है, ओईएम और डीलरशिप के साथ जुड़ाव मजबूत कर रहा है, तथा अपनी व्यापक शाखा और साझेदार नेटवर्क के माध्यम से पहुंच को बढ़ा रहा है। राजस्थान के इंफ्रास्ट्रक्चर और कृषि क्षेत्रों के तेजी से हो रहे विकास के लिए तैयार होने के साथ, कोटक का लक्ष्य ज्ञान, प्रौद्योगिकी और ग्राहक-प्रथम समाधानों के माध्यम से वृद्धि को सक्षम बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है।