साहित्य की सेवा एक अनूठा अनुष्ठान, जिससे समाज को मिलती है दशा और दिशा- डॉ. मंजू बाघमार
जयपुर। राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने कहा कि साहित्य की सेवा एक अनूठा अनुष्ठान है, जिससे समाज को दशा और दिशा मिलती है। उन्होंने संपर्क साहित्य संस्थान की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि महिला सशक्तीकरण के तहत इस तरह के आयोजनों से महिलाओं को शक्ति और संबल मिलता है। इस दौरान कार्यक्रम अध्यक्ष रोजियम ग्रुप के चेयरमैन अर्पित जैन, हिन्दी प्रचार-प्रसार संस्थान के अध्यक्ष डॉ. अखिल शुक्ला, शिक्षाविद् डॉ. ऋत्विज गौड़, संपर्क साहित्य संस्थान के अध्यक्ष अनिल लढ़ा एवं महासचिव रेनू शब्दमुखर ने माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
इस अवसर पर संस्थान अध्यक्ष अनिल लढ़ा ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। मुख्य संरक्षक डॉ. आरती भदोरिया ने स्वागत करते हुए संपर्क के सेव बेटी–सेफ बेटी अभियान की जानकारी दी ।महासचिव रेनू शब्दमुखर ने संस्थान की आठ वर्षीय साहित्यिक यात्रा की विस्तृत चर्चा की। विशिष्ट अतिथि डॉ. अखिल शुक्ला ने साहित्य आंदोलन को इसी तरह आगे बढ़ाने का आह्वान किया। डॉ. ऋत्विज गौड़ ने साहित्य व शिक्षा के समन्वय से आगे बढ़ने एवं नवाचार की बात रखी। कार्यक्रम अध्यक्ष अर्पित जैन ने संस्थान की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए हर संभव सहायता का विश्वास दिलाया।
कार्यक्रम का संचालन विजयलक्ष्मी जांगिड़ एवं सीमा वालिया ने किया।
देश के ख्यातनाम साहित्यकारो का सम्मान
समारोह के दौरान देश के वरिष्ठ साहित्यकारों बसंती पवार ,डॉ. बसंत सिंह सोलंकी, गोविंद भारद्वाज, हरि प्रकाश राठी, हरि राम मीणा, हेमंत शेष, हितेश व्यास, मधु खंडेलवाल, रिजवान एजाजी
मनोज कुमार शर्मा, मीठेश निर्मोही, डॉ नवल किशोर, सुधा जुगराज शर्मा नवनीत पांडे प्रेम आनंदकर, रवि पुरोहित रिजवान एजाज़ी
डॉ. सतीश कुमार, शिव कुमार शर्मा को संपर्क श्री सम्मान से भी नवाजा गया । अतिथियों ने उन्हें दुपट्टा श्रीफल व सर्टिफिकेट प्रदान किए ।
इनको मिला सम्मान
समारोह में अतिथियों द्वारा संपर्क शिरोमणि अवार्ड से डॉ. लता श्रीमाली एवं रेनू शब्दमुखर को सम्मानित किया गया। संपर्क गौरव अवार्ड आशा शर्मा एवं ललिता कापड़ी को प्रदान किया गया।
इसी प्रकार संपर्क सेवा पुरस्कार से हिमाद्री समर्थ, सीमा वालिया, डॉ. कंचना सक्सेना, शशि कुड़ियाल, डॉ. बबीता वर्मा, सुनीता त्रिपाठी, शालिनी शर्मा, अनीता सिंह, डॉ. दीपाली वार्ष्णेय, पुष्पा माथुर, रमा भाटी एवं कमलेश शर्मा को सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही विशेष पुरस्कार मुकेश गुप्ता एवं विकास गौड़ को प्रदान किए गए।
पुस्तकों का विमोचन
आयोजन के दौरान लेखिका सुनीता त्रिपाठी ‘अजय’ की पुस्तकें सृष्टिमन भाग–2, व 3 एवं लड्डू गोपाल की पालकी; शालिनी शर्मा की पुस्तक आईना-ए-मोहब्बत; हर्षवर्धन पांडेय की पुस्तक उम्र 18 की; डॉ. अनु चौधरी की पुस्तक चक्रा एस्ट्रोलॉजी तथा रेनू शब्दमुखर के कवर पेज ‘प्रेम अनहद नाद ‘का विमोचन किया गया।