ब्यावर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से उच्च शिक्षण संस्थानों में कथित तौर पर समानता को बढ़ावा देने के लिए लाए गए रेग्युलेशन के खिलाफ सवर्ण समाज में आक्रोश है। यूजीसी एक्ट के खिलाफ एक फरवरी को ब्यावर बंद का ऐलान किया है। इसके तहत संपूर्ण शहर बंद रखा जाएगा। विभिन्न समाजों ने इस बंद का समर्थन किया है।बुधवार को हुई सवर्ण समाज की बैठक में आंदोलन की रणनीति बनाते हुए ब्यावर बंद का फैसला किया गया है। बैठक में तय किया कि आगामी 30 जनवरी को सुबह 10 बजे चांगगेट पर सदबुद्धि यज्ञ करेंगे। इसके बाद यहां से आक्रोश रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपेंगे। 31 जनवरी को सुबह 10 बजे भारत माता सर्किल पर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन करते हुए यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन के नए नियमों की प्रतियां जलाएंगे और पुतला दहन करेंगे। एक फरवरी को ब्यावर बंद में सहयोग करेंगे।
सवर्ण समाज का कहना है कि नए रेगुलेशन में सवर्ण छात्रों को पहले से ही अपराधी मान लिया गया है। नए नियम अस्पष्ट और बहुत ज्यादा व्यापक हैं। नियमों में कई बातें साफ नहीं लिखी हैं। संस्थानों की समितियों को बहुत ज्यादा अधिकार दिए गए है। झूठे आरोपों से बचाव के लिए कोई मजबूत सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। अलग-अलग कॉलेजों में नियमों का गलत या असमान इस्तेमाल हो सकता है।