अजमेर दलित बच्चो बलात्कार मामले
में सरकार दबंगों को बचा रही: कांग्रेस
अजमेर/ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने AICC कार्यालय दिल्ली में एक प्रेस वार्ता कर अजमेर जिले के गांव गणेशपुरा में हुई दलित परिवार के साथ मारपीट एवं 2024 में दर्ज पास्को एक्ट में पीड़िता के मुलजिमो द्वारा परिवार को डराने धमकाने के खिलाफ राजस्थान सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहां की 2024 में एक बालिका के साथ गांव के ही कुछ युवकों ने बारी बारी उसका वीडियो बनाकर डरा धमका कर ब्लैक मेल कर लगातार बलात्कार किया। जब पीड़िता गर्भ से हो गई तो मुलजिमों ने अपने आप को बचाने के लिए उसे गर्भनिरोधक गोलियां दे दी। क्योंकी बालिका नाबिक थी इसलिए उसे तकलीफ बढ़ गई और इस बात का पता जब उसके परिवार को चला तो वह उसका इलाज राजस्थान के अस्पताल से दिल्ली रेफर करने पर इलाज कराने दिल्ली पहुंच गए। जब राजस्थान के अजमेर सरवार थाने पर उन्होंने मुकदमा दर्ज करने की बात कही तो पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।पीड़िता के परिवार को दिल्ली में ही जीरो नंबर फिर दर्ज करानी पड़ेगी। पीड़िता के 164 के बयान दर्ज हुए और उसे बयान में पीड़िता ने तीन लोगों का नाम बयानों में दर्ज करवाया। उन्होंने आगे रहते हुए कहा कि पुलिस की भूमिका भी इसमें शक के घेरे में है। पुलिस ने तीन में से दो मुलजिमों को चलन में निकाल दिया तथा एक मुल्जिम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मुलजिमो द्वारा लगातार परिवार को दबाव बनाया जा रहा था कि वह अपने अगले बयान में दोनों मुलजिमों का नाम ना ले। 17 मार्च 2026 को पीड़िता के कोर्ट में बयान थे परंतु 16 मार्च 2026 को मुलजिमो द्वारा वीरता के परिवार को लाठी कुल्हाड़ी एवं अन्य हथियारों से मारपीट कर गंभीर घायल कर दिया गया। सरवाड़ थाने में मुलजिमों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट एवं मारपीट की धारा में मुकदमा दर्ज हुआ परंतु उन्हें सामान्य धारा में गिरफ्तारी दिखाकर 2 दिन बाद छोड़ दिया गया। उन्होंने आगे कहां की यह दुख इस बात का है कि इस प्रकार की घटनाएं सबसे ज्यादा भाजपा शासित राज्यों में है पूरे देश में दलित उत्पीड़न यह जो टोटल केसेस है उसके 76% केसेस पांच भाजपा शासित प्रदेशों में है जिसमें नंबर एक पर उत्तर प्रदेश,दूसरे नंबर पर मध्य प्रदेशऔर तीसरे नंबर पर राजस्थान है। उन्होंने पुलिस और सरकार पर निशाना साधते हुए कहा की इन अपराधियों को यह दोनों ही बचा रही है। उन्होंने सवाल किया की ऐसी मानसिकता कब तक चलेगी और यह मामले ज्यादातर भाजपा शासित राज्यों में ही क्यों आते हैं। उन्होंने अपनी बात कहते हुए राजस्थान सरकार से मांग रखी की पीड़िता के परिवार को तुरंत प्रभाव से सुरक्षा महिया कराई जाए सरकार को कंपनसेशन एक्ट के तहत पीड़ित परिवार को जल्द ही कंपनसेशन देना चाहिए इसके साथ-साथ उन्होंने जेल पुलिस कर्मियों ने कानून की अभिलाना की है एवं उन्हें कानून के अनुरूप पीड़ित परिवार को जो राहत देनी चाहिए थी जो सहयोग करना चाहिए था वह नहीं किया है तो ऐसे दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई सरकार को करनी चाहिए।
सौरभ यादव ने बताया कि कांग्रेस राजस्थान अनुसूचित जाति विभाग की अध्यक्ष ममता भूपेश बैरवा ने पांच सदस्यों की जांच कमेटी इस मामले में निष्पक्ष जांच करने के लिए बनाई है एवं रिपोर्ट सात दिवस में पेश करने के लिए कहा है।अध्यक्ष सौरभ यादव ने पीड़ित परिवार की पीड़ा AICC SC डिपार्टमेंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचाई। यादव ने राजेंद्र पाल गौतम का आभार व्यक्त देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर अजमेर की आवाज उठाने से दलित परिवारों को इस प्रकार के उत्पीड़न में लड़ने की हिम्मत मिलेगी।
ASSI दिल्ली की प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय समन्वयक अनुसूचित जाति विभाग राजेश शेसिया,अजमेर अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष सौरभ यादव एवं अन्य लोग शामिल रहे।
सौरभ यादव
अध्यक्ष अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग।
9214544444