“अब योग बनेगा युवाओं के रोजगार और आत्मनिर्भरता का आधार” – प्रो॰ सुरेश कुमार अग्रवाल
अजमेर, 22 मई।
अजमेर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रोजगार से जोड़ने हेतु “लर्न, अर्न एंड परफॉर्म (LEaP)” योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के योग एवं मानव चेतना विभाग द्वारा विश्वविद्यालय से संबद्ध राजकीय एवं निजी महाविद्यालयों में योग उपकेंद्र स्थापित करने हेतु प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि इन योग उपकेंद्रों के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण के साथ प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। विश्वविद्यालय के डिप्लोमा, स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के अध्ययनरत विद्यार्थी इन केंद्रों पर अध्यापन कार्य के लिए पात्र होंगे तथा उन्हें विश्वविद्यालय के नियमानुसार लीप योजना के अंतर्गत मानदेय भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना विद्यार्थियों को “सीखते हुए कमाने” का अवसर प्रदान करेगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
प्रो. अग्रवाल ने बताया कि प्रस्तावित उपकेंद्रों में प्रारंभिक रूप से तीन माह का “योग इंस्ट्रक्टर सर्टिफिकेट कोर्स” संचालित किया जाएगा, जिसमें योगाभ्यास का व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा जिसकी परीक्षा विश्वविद्यालय मे वर्ष मे दो बार आयोजित की जाएगी | प्रमाण पत्र मिलने पर विद्यार्थी स्वयं की योग कक्षाएं संचालित कर सकेंगे तथा विद्यालयों, अस्पतालों, उद्योगों, वेलनेस ट्रेनर एवं स्वास्थ्य परामर्शदाता के रूप में कार्य करने योग्य बन सकेंगे।
उन्होंने कहा कि योग भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है तथा वर्तमान समय में इसकी वैश्विक स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में विश्वविद्यालय का प्रयास है कि युवाओं को योग शिक्षा के माध्यम से रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि “लर्न, अर्न एंड परफॉर्म” योजना उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में एक मॉडल पहल सिद्ध होगी तथा युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करेगी।