जनसंख्या अध्ययन विभाग में एम.ए. पॉपुलेशन स्टडीज़ एवं मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW) में प्रवेश प्रारम्भ
“आज के बदलते सामाजिक, स्वास्थ्य एवं विकास परिदृश्य में ऐसे पाठ्यक्रमों की आवश्यकता बढ़ गई है जो विद्यार्थियों को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि समाज, नीति निर्माण, अनुसंधान एवं रोजगार के क्षेत्र में व्यावहारिक दक्षता भी प्रदान करें।”
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के जनसंख्या अध्ययन विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र हेतु एम.ए. पॉपुलेशन स्टडीज़ एवं मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW) पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रारम्भ कर दिए गए हैं। विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार दोनों पाठ्यक्रम वर्तमान समय की सामाजिक, स्वास्थ्य, जनसांख्यिकीय एवं विकास संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को व्यापक रोजगार एवं शोध अवसर प्राप्त हो सकें।
विभागाध्यक्ष (प्रभारी) प्रो. सुब्रतो दत्ता ने बताया कि एम.ए. पॉपुलेशन स्टडीज़ दो वर्षीय पाठ्यक्रम है, जिसमें प्रवेश हेतु स्नातक स्तर पर न्यूनतम 48 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। इस पाठ्यक्रम की वार्षिक फीस सामान्य वर्ग के लिए ₹2200 तथा एससी/एसटी एवं महिला अभ्यर्थियों के लिए ₹1850 निर्धारित की गई है। वर्तमान समय में जनसंख्या, सार्वजनिक स्वास्थ्य, माइग्रेशन, परिवार कल्याण, डेटा विश्लेषण, सामाजिक सांख्यिकी एवं नीति निर्माण जैसे विषयों का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। यही कारण है कि इस पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं महामारी विज्ञान, सरकारी नीति एवं जनगणना कार्य, अंतरराष्ट्रीय विकास संस्थाओं, एनजीओ, रिसर्च एवं सर्वे संगठनों, डेटा एनालिटिक्स तथा अकादमिक शोध जैसे क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएं उपलब्ध हैं।
इसी प्रकार मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW) पाठ्यक्रम भी दो वर्षीय है तथा इसमें किसी भी विषय से स्नातक एवं न्यूनतम 48 प्रतिशत अंक प्राप्त विद्यार्थी प्रवेश ले सकते हैं। इस पाठ्यक्रम की वार्षिक फीस सामान्य वर्ग के लिए ₹21,600 तथा एससी/एसटी एवं महिला अभ्यर्थियों के लिए ₹21,300 निर्धारित की गई है। MSW आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक एवं मांग वाला प्रोफेशनल कोर्स माना जा रहा है, क्योंकि समाज में मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय, सामुदायिक विकास, महिला एवं बाल कल्याण, कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) तथा काउंसलिंग सेवाओं की आवश्यकता निरंतर बढ़ रही है। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को सामाजिक नेतृत्व, फील्ड वर्क, सामुदायिक सहभागिता एवं मानव सेवा से जुड़े व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होते हैं।
प्रो. दत्ता ने बताया कि MSW पाठ्यक्रम के पश्चात विद्यार्थियों के लिए एनजीओ एवं विकास क्षेत्र, मेडिकल एवं साइकियाट्रिक सोशल वर्क, मानसिक स्वास्थ्य एवं काउंसलिंग, सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र, कॉर्पोरेट CSR, शोध एवं नीति संस्थानों तथा उच्च शिक्षा एवं अकादमिक क्षेत्र में उत्कृष्ट करियर संभावनाएं उपलब्ध रहती हैं।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति एवं बदलती वैश्विक परिस्थितियों में ऐसे बहुआयामी पाठ्यक्रम युवाओं को संवेदनशील, शोधपरक एवं रोजगारोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके समाधान में सक्रिय भागीदारी के लिए भी तैयार किया जाए।
पाठ्यक्रमों में प्रवेश संबंधी अधिक जानकारी के लिए इच्छुक विद्यार्थी जनसंख्या अध्ययन विभाग से संपर्क कर सकते हैं। संपर्क हेतु मोबाइल नंबर – 9414006839 (प्रो. सुब्रतो दत्ता, प्रभारी)।