विज्ञापनदाताओं की संख्या में 10 गुना वृद्धि दर्ज की
जून 2026: स्नैपचैट ने आज भारत में अपने विज्ञापन व्यवसाय में मजबूत वृद्धि की घोषणा की। पिछले दो वर्षों में प्लेटफ़ॉर्म पर विज्ञापनदाताओं की संख्या 10 गुना बढ़ी है, जबकि पूरे वर्ष की चारों तिमाहियों में लगातार विज्ञापन खर्च करने वाले विज्ञापनदाताओं की संख्या तीन गुना हो गई है।¹
इस वृद्धि को इमर्सिव विज्ञापन प्रारूपों को बढ़ती अपनाने, चैट को एक उच्च-ध्यान विज्ञापन माध्यम के रूप में विस्तार देने, तथा एआई-संचालित टार्गेटिंग और प्लेटफ़ॉर्म क्षमताओं में निरंतर निवेश से बल मिला है।
भारत में 25 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं के साथ,² स्नैपचैट आज उस तरीके के केंद्र में है, जिसके माध्यम से Gen Z नई चीज़ों की खोज करता है, संवाद करता है और ब्रांड्स के साथ जुड़ता है। यह वर्ग पहले से ही भारत की कुल खपत का 43% योगदान देता है,³ और इसकी क्रय शक्ति 2035 तक 2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।³ यही कारण है कि अधिक से अधिक ब्रांड्स Gen Z के व्यवहार की गहरी समझ और युवाओं के साथ जुड़ने वाले उच्च-ध्यान (high-attention) तथा इमर्सिव अनुभव प्रदान करने की क्षमता के लिए स्नैपचैट की ओर रुख कर रहे हैं।
“हमने ऐसे विज्ञापन समाधानों का एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया है, जो इस बात पर आधारित हैं कि आज Gen Z किस तरह संवाद करता है और ब्रांड्स के साथ जुड़ता है। स्नैपचैट एकमात्र ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जो एआर, वीडियो और चैट पर उच्च-ध्यान (high-attention) विज्ञापनों सहित बहु-प्रारूप (multi-format) विज्ञापन समाधान प्रदान करता है, जो ब्रांड्स और व्यवसायों के लिए सार्थक परिणाम देने पर केंद्रित हैं। भारत में जो गति हम देख रहे हैं, वह इमर्सिव और एंगेजमेंट-आधारित मार्केटिंग की ओर बढ़ते व्यापक बदलाव को दर्शाती है। हमारा मानना है कि जैसे-जैसे ब्रांड्स उपभोक्ताओं से जुड़ने के अधिक प्रभावी और सार्थक तरीकों की ओर बढ़ रहे हैं, इस अवसर का नेतृत्व हम कर रहे हैं,” पुलकित त्रिवेदी, मैनेजिंग डायरेक्टर, इंडिया, स्नैप इंक. ने कहा ।
रोहित कपूर, सीईओ, स्विगी फूड मार्केटप्लेस, ने कहा, “ऑन-डिमांड और क्विक कॉमर्स इकोसिस्टम में, उपभोक्ताओं का उच्च-इरादे वाला ध्यान आकर्षित करना बेहद महत्वपूर्ण है। डिजिटल एंगेजमेंट के प्रति हमारी रणनीति ‘कॉन्टेक्स्चुअल कॉमर्स’ के सिद्धांत पर आधारित है, यानी उपभोक्ताओं तक उस समय पहुँचना जब वे सक्रिय रूप से संवाद कर रहे हों और निर्णय लेने की स्थिति में हों। स्नैपचैट स्विगी के लिए एक अत्यंत प्रभावशाली और नवोन्मेषी प्लेटफ़ॉर्म साबित हुआ है, जिसने हमें उच्च-ध्यान वाले चैट सरफेस और इमर्सिव एआर अनुभवों के माध्यम से भारत के Gen Z उपभोक्ताओं की विज़ुअल बातचीत का स्वाभाविक हिस्सा बनने में मदद की है। यह व्यापक साझेदारी हमें गहरे उपभोक्ता जुड़ाव को सहजता से वास्तविक व्यावसायिक परिणामों में बदलने में सक्षम बनाती है और हमारे व्यापक ब्रांड-निर्माण प्रयासों को लगातार मजबूत करती रही है।”
साहिबजीत सिंह साहनी, मार्केटिंग हेड, ज़ोमैटो, ने कहा, “वीडियो, एआर और स्पॉन्सर्ड स्नैप्स को एक साथ जोड़ने वाली स्नैपचैट की मल्टी-फॉर्मेट रणनीति एक ऐसा ब्रांड अनुभव तैयार करती है जो वास्तव में इंटरैक्टिव और आकर्षक महसूस होता है। यह दर्शकों के साथ अधिक गहरा और सार्थक जुड़ाव बनाने में मदद करती है। यही इसकी वास्तविक खासियत है, और हमने इसके सकारात्मक प्रभाव को अपने परिणामों में भी देखा है।”
अश्विन पद्मनाभन, सीओओ, डब्ल्यूपीपी मीडिया साउथ एशिया, ने कहा, “हमारे क्लाइंट पोर्टफोलियो में हम एक स्पष्ट बाज़ार-आधारित बदलाव देख रहे हैं। ब्रांड्स अब यह समझने लगे हैं कि स्नैपचैट भारत में पैमाने और इंफ्रास्ट्रक्चर के उस महत्वपूर्ण स्तर तक पहुंच चुका है, जहां इसे नज़रअंदाज़ करना अब संभव नहीं है। Gen Z का आर्थिक प्रभाव अब भविष्य का अनुमान नहीं, बल्कि आज की वास्तविकता है। यह वर्ग वर्तमान में घरेलू उपभोग के अधिकांश निर्णयों को प्रभावित कर रहा है। हालांकि, पारंपरिक डिजिटल मीडिया मॉडल चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, क्योंकि यह पीढ़ी निष्क्रिय विज्ञापनों के प्रति कम ध्यान देने वाली और अधिक सजग हो गई है।”
उन्होंने आगे कहा, “अटेंशन एडवांटेज रिसर्च पर स्नैपचैट के साथ हमारा सहयोग यह दर्शाता है कि उनके विज्ञापन इन्फ्रास्ट्रक्चर को इतनी तेजी से स्वीकृति क्यों मिल रही है। ब्रांड्स यह महसूस कर रहे हैं कि जब उपयोगकर्ता सार्वजनिक, एल्गोरिदम-आधारित वीडियो फीड्स से हटकर अपने करीबी दोस्तों के साथ सार्थक संवाद वाले स्पेस में आते हैं, तो विज्ञापनों के प्रति उनकी ग्रहणशीलता मूल रूप से बदल जाती है। इंटरैक्टिव एआर और उच्च-ध्यान (high-attention) चैट फॉर्मेट्स का उपयोग करके, ब्रांड्स ध्यान आकर्षित करने की चुनौती से लड़ नहीं रहे, बल्कि उसी के अनुरूप काम कर रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं की सक्रिय भागीदारी को स्पष्ट और प्रभावी फुल-फनल व्यावसायिक परिणामों में बदला जा सकता है।”
एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म, जिसे सक्रिय और केंद्रित ध्यान के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।
जहाँ Gen Z पारंपरिक सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर मिलेनियल्स की तुलना में विज्ञापनों पर 34% तक कम ध्यान देता है,⁴ वहीं स्नैपचैट लगातार मजबूत एंगेजमेंट और ब्रांड्स के लिए मापनीय व्यावसायिक परिणाम प्रदान कर रहा है। उपभोक्ताओं के मन में अपनी छाप छोड़ने के मामले में स्नैपचैट के अभियान अन्य प्लेटफ़ॉर्म्स से बेहतर प्रदर्शन करते हैं, जिससे ब्रांड जागरूकता (aided brand awareness) में +10 प्रतिशत अंकों की वृद्धि और विज्ञापन स्मरण (aided ad recall) में +12 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।⁵
यह एंगेजमेंट उपभोक्ताओं के इरादों और ब्रांड समर्थन में भी परिवर्तित हो रहा है। स्नैपचैट उपयोगकर्ता किसी ब्रांड को अपने विचार-विमर्श में शामिल करने की संभावना 18 प्रतिशत अंक अधिक रखते हैं।⁵ वे ब्रांड से जुड़ी सामग्री साझा करने की संभावना +16 प्रतिशत अंक अधिक रखते हैं,⁵ और दोस्तों व परिवार के साथ ब्रांड्स के बारे में चर्चा करने की संभावना +13 प्रतिशत अंक अधिक रखते हैं।⁵
यह बदलाव सोशल प्लेटफ़ॉर्म्स पर उपयोगकर्ताओं के जुड़ने के तरीके में आ रहे व्यापक परिवर्तन को भी दर्शाता है। जहाँ कई प्लेटफ़ॉर्म्स की सुविधाएँ और अनुभव एक-दूसरे से मिलते-जुलते होते जा रहे हैं, वहीं स्नैपचैट अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है क्योंकि यहाँ की सहभागिता करीबी रिश्तों, विज़ुअल कम्युनिकेशन और वास्तविक जीवन की बातचीत पर आधारित है।
आई स्क्वेयर (Eye Square) की “ब्रेड्थ ऑफ एंगेजमेंट रिसर्च 2026” के अनुसार, जो उपयोगकर्ता किसी प्लेटफ़ॉर्म पर बिताए गए समय को सार्थक मानते हैं, वे विज्ञापनों के प्रति कहीं अधिक ग्रहणशील होते हैं। ऐसे उपयोगकर्ता विज्ञापन देखने के लिए 97% अधिक खुले होते हैं और प्रासंगिक ब्रांड संदेशों पर कार्रवाई करने की संभावना 61% अधिक रखते हैं।⁵
विविध विज्ञापन प्रारूपों के माध्यम से व्यापक एंगेजमेंट को बढ़ावा: जैसे-जैसे उपभोक्ता विज्ञापनों से होने वाली थकान का अधिक अनुभव कर रहे हैं, स्नैपचैट ने अपने इमर्सिव और भागीदारी-आधारित विज्ञापन इकोसिस्टम का लगातार विस्तार किया है। इसके तहत ऐसे विज्ञापन प्रारूप पेश किए गए हैं जो उपयोगकर्ताओं के प्लेटफ़ॉर्म पर संवाद करने और जुड़ने के स्वाभाविक तरीकों के अनुरूप महसूस होते हैं।
ऑगमेंटेड रियलिटी अब केवल ब्रांड जागरूकता बढ़ाने का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह एक फुल-फनल समाधान के रूप में विकसित हो चुका है, जो ब्रांड्स को एक ही अनुभव के भीतर खोज सहभागिता और रूपांतरण को बढ़ावा देने में सक्षम बनाता है। भारत में, AR लेंस अब ध्यान आकर्षित करने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुके हैं, जो अन्य विज्ञापन प्रारूपों की तुलना में 2 गुना अधिक प्रभावशीलता और 3 गुना अधिक दक्षता के साथ उपभोक्ताओं का ध्यान आकर्षित करते हैं।⁵ इसके अलावा, AR लेंस वाले अभियानों ने बिना AR लेंस वाले अभियानों की तुलना में 1.6 गुना अधिक ब्रांड विज्ञापन जागरूकता प्रदान की।
ब्रांड्स अब दर्शकों के साथ अधिक गहरा और लंबे समय तक जुड़ाव बनाने के लिए वीडियो, एआर और स्पॉन्सर्ड स्नैप्स जैसे विभिन्न विज्ञापन प्रारूपों को एक साथ अपनाने लगे हैं। जब ब्रांड्स स्नैपचैट के विविध विज्ञापन प्रारूपों का समग्र रूप से उपयोग करते हैं, तो उनका प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है।
सात वैश्विक बाज़ारों में किए गए नए शोध से पता चलता है कि केवल वीडियो विज्ञापनों की तुलना में समान आवृत्ति पर वीडियो, एआर लेंस और स्पॉन्सर्ड स्नैप्स के संयोजन का उपयोग करने से विज्ञापन स्मरण में 1.9 गुना वृद्धि होती है। साथ ही, यह उपभोक्ताओं के खरीदारी व्यवहार को भी 1.9 गुना बढ़ाता है।
मजबूत प्रदर्शन इंफ्रास्ट्रक्चर: स्नैपचैट ने अपने विज्ञापन इंफ्रास्ट्रक्चर में निरंतर निवेश जारी रखा है। App Power Pack, Ads Manager में किए गए सुधारों, तथा Unified Attribution, उन्नत ऑप्टिमाइज़ेशन टूल्स और बेहतर ऐप मापन क्षमताओं जैसे नए समाधानों के माध्यम से प्लेटफ़ॉर्म ने अपनी रैंकिंग प्रणालियों, सिग्नल गुणवत्ता और एआई-संचालित ऑप्टिमाइज़ेशन को और मजबूत बनाया है। इन निवेशों के परिणामस्वरूप विज्ञापनदाताओं को बड़े पैमाने पर बेहतर डिलीवरी, अधिक सटीक मापन और बेहतर प्रदर्शन परिणाम प्राप्त हो रहे हैं।
फैशन, ब्यूटी, मनोरंजन, खाद्य एवं पेय, क्विक कॉमर्स, खेल और रिटेल सहित विभिन्न क्षेत्रों के ब्रांड्स अब Gen Z उपभोक्ताओं से अधिक सार्थक तरीके से जुड़ने के लिए स्नैपचैट के इमर्सिव विज्ञापन इकोसिस्टम का तेजी से उपयोग कर रहे हैं।
इमर्सिव तकनीक, प्रदर्शन क्षमताओं और उच्च-ध्यान वाले वातावरण में स्नैपचैट का निरंतर निवेश इसे भारत के युवा उपभोक्ताओं के बीच प्रासंगिकता और विकास हासिल करने की चाह रखने वाले ब्रांड्स के लिए एक रणनीतिक साझेदार के रूप में स्थापित करता है।