एनडीआरआई (NDI) करनाल के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने किया सघन निरीक्षण, नए प्लांट की अत्याधुनिक तकनीक को सराहा
अजमेरः अजमेर डेयरी अध्यक्ष श्री रामचंद्र चौधरी के कुशल नेतृत्व में डेयरी के निरंतर विकास क्रम में एक और बड़ा कदम उठाते हुए, पुराने प्लांट के निस्तारण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस महत्वपूर्ण कार्य हेतु राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI), करनाल (हरियाणा) के चार सदस्यीय वरिष्ठ विशेषज्ञ दल ने अजमेर डेयरी पहुंचकर पुराने प्लांट का सघन निरीक्षण किया।
ज्ञात रहे कि अजमेर डेयरी में वर्ष 2019-20 में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के माध्यम से लगभग 350 करोड़ रुपये की भारी लागत से ‘टर्न की पद्धति पर अत्याधुनिक नया प्लांट स्थापित किया गया था। यह विशाल प्लांट वर्तमान में पूरी क्षमता के साथ शानदार तरीके से संचालित हो रहा है, जिसमें 60 प्रकार के उच्च गुणवत्ता वाले दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों का निर्माण कर बाजार में उनका सफलतापूर्वक विपणन किया जा रहा है।
नए प्लांट के सुचारू संचालन के फलस्वरूप पुरानी मशीनरी और पुराने प्लांट की उपयोगिता लगभग समाप्त हो गई थी। इसे देखते हुए संचालक मंडल (BOD) की बैठक में पुराने प्लांट के निस्तारण का नीतिगत निर्णय लिया गया था। आरंभ में इस मूल्यांकन के लिए NDDB से अनुरोध किया गया था, परंतु उनके द्वारा असमर्थता व्यक्त करने पर NDRI करनाल के शीर्ष विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया।विशेषज्ञों का सघन दौरा और 23 जून की बोर्ड मीटिंग में होगा अनुमोदनः
एनडीआरआई करनाल से आए इस उच्च स्तरीय विशेषज्ञ दल में डेयरी टेक्नोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. दीप नारायण यादव, मैकेनिकल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार डबास, डीईएसएम (DESM) के प्रमुख डॉ. सुभासिस मंडल और डेयरी टेक्नोलॉजी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. योगेश खेत्रा शामिल रहे।
इस विशेषज्ञ टीम ने कल प्रातः काल अजमेर डेयरी पहुंचकर, लगातार दो दिनों तक पुराने प्लांट के प्रत्येक सेक्शन का सूक्ष्मता से विस्तारपूर्वक अवलोकन किया। टीम ने अजमेर डेयरी प्रबंधन को अतिशीघ्र अपनी मूल्यांकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का पूर्ण आश्वासन दिया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत, आगामी 23 जून को होने वाली संचालक मंडल की बैठक में इसका अनुमोदन करवाकर नियमानुसार निस्तारण की पारदर्शी कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी।
नए प्लांट की कार्यप्रणाली की भूरी-भूरी प्रशंसा और भविष्य की रणनीतियों पर मंथनः
संपूर्ण निरीक्षण के पश्चात प्रतिनिधि दल की अजमेर डेयरी के अध्यक्ष श्री रामचंद्र चौधरी, प्रबंध संचालक श्री रामलाल चौधरी, प्लांट प्रभारी श्री नगेन्द्र जोशी एवं वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस दौरान भविष्य की रणनीतियों पर गहन मंथन हुआ। करनाल से आई इस टीम ने अजमेर डेयरी के नए प्लांट की अत्याधुनिक कार्यप्रणाली और सुव्यवस्थित व्यवस्था की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
विशेषज्ञों द्वारा डेयरी के उज्जवल भविष्य हेतु दिए गए महत्वपूर्ण सुझावः
नए प्लांट परिसर में चीज़ (Cheese) और क्रीम (Cream) प्लांट, सोलर प्लांट (खाली स्थान पर) की शीघ्र स्थापना की जाए। पुराने प्लांट की चारदीवारी का नवनिर्माण भी नए प्लांट की भव्य तर्ज पर ही करवाया जाए। संघ और कर्मचारियों के हित में NDRI अथवा NDDB के माध्यम से स्टाफ के ज्ञानवर्धन हेतु नईटेक्नोलॉजी का विशेष प्रशिक्षण दिलवाया जाए। समय की मांग को देखते हुए नए प्लांट में जल्द से जल्द नई आधुनिक चिप्लेट (Chiplet) मशीन लगाकर उत्पादन और बाजार में विपणन शुरू किया जाए।
भव्य स्वागत एवं आभारः
बैठक के दौरान रामचंद्र चौधरी अध्यक्ष एवं प्रबन्ध संचालक रामलाल चौधरी द्वारा NDRI के चारों वरिष्ठ अधिकारियों डेयरी टेक्नोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. दीप नारायण यादव, मैकेनिकल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार डबास, डीईएसएम (DESM) के प्रमुख डॉ. सुभासिस मंडल और डेयरी टेक्नोलॉजी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. योगेश खेत्रा का राजस्थानी परंपरा के अनुसार साफा पहनाकर एवं माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया। साथ ही उन्हें अजमेर डेयरी के प्रतीक चिन्ह के रूप में ‘अशोक स्तम्भ’ का स्मृति चिन्ह (मोमेंटो) सप्रेम भेंट किया गया। प्रतिनिधि दल ने इस शानदार और आत्मीय आतिथ्य के लिए अध्यक्ष महोदय का हृदय से आभार व्यक्त किया।
इस गरिमामयी अवसर पर प्लांट प्रभारी नगेन्द्र जोशी, वित्त एवं लेखा प्रभारी अतुल सक्सेना, रोशन कुमार, क्रय शाखा प्रभारी नरेश, सिस्टम प्रभारी अमित चौधरी, पी.एंड.ए. प्रभारी ओमप्रकाश, विपणन प्रभारी मुकेश पड़ोदा एवं दिग्विजय सिंह जी सहित संघ के अन्य कई अधिकारीगण उपस्थित रहे।