कृष्ण जन्मोत्सव की भक्ति में झूम उठा कथा पंडाल, बधाइयों और भजनों से गूंजा वातावरण

वृंदावन से पधारे कुञ्ज बिहारी दास जी महाराज ने कहा— भागवत कथा जन्म-जन्मांतर के पापों का करती है नाश, भगवान प्राप्ति का है सरल मार्ग

डॉ. संजय कृष्ण सलिल जी महाराज का संदेश— निंदा से बचें, सकारात्मक चिंतन और प्रभु भजन ही जीवन को बनाते हैं सफल; शनिवार को नंदोत्सव एवं छप्पन भोग की झांकी

अजमेर। ज्ञान विहार स्थित श्री कल्याण जी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक डॉ. संजय कृष्ण सलिल जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण एवं रसपूर्ण वर्णन किया। जैसे ही कृष्ण जन्म का प्रसंग आया, पूरा कथा पंडाल बधाइयों, भजनों और जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर झूमने लगे और वातावरण नंदोत्सव की अलौकिक अनुभूति से भर गया।

इस अवसर पर विशेष रूप से वृंदावन से पधारे कुञ्ज बिहारी दास जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पापों एवं संतापों का नाश करने वाली दिव्य अमृतधारा है। भागवत का श्रद्धापूर्वक श्रवण भगवान की प्राप्ति का सरल एवं श्रेष्ठ मार्ग है तथा इसके श्रवण मात्र से जीव को मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

कथा के दौरान डॉ. संजय कृष्ण सलिल जी महाराज ने कहा कि जीवन में कभी किसी की निंदा नहीं करनी चाहिए। यदि किसी अपने की निंदा हो रही हो तो उसे सुनने से भी बचना चाहिए। उन्होंने माता सती एवं भगवान महादेव के प्रसंग के माध्यम से सम्मान, श्रद्धा और मर्यादा का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक चिंतन, प्रभु भजन और सद्कर्म ही जीवन को सफल बनाते हैं। मृत्यु के समय जैसा चिंतन होता है, वैसा ही अगला जन्म प्राप्त होता है। ठाकुरजी का नाम किसी भी भाव से लिया जाए, वह सदैव कल्याणकारी होता है।

कथा प्रवक्ता उमेश गर्ग ने बताया कि चौथे दिन की कथा में ध्रुव चरित्र, महादेव एवं सती प्रसंग, राजा ऋषभदेव, भरत, भक्त प्रह्लाद, गजेन्द्र मोक्ष, अजामिल, वामन अवतार, श्रीराम एवं श्रीकृष्ण अवतार तथा गर्भ स्तुति का भावपूर्ण वर्णन किया गया। महाराजश्री ने ध्रुव की माता के आदर्श संस्कारों का उल्लेख करते हुए कहा कि परमात्मा की प्राप्ति केवल भजन और अटूट श्रद्धा से ही संभव है। पूजा-अर्चना में शुद्ध आसन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने लाल ऊनी आसन को श्रेष्ठ बताया।

शनिवार को कथा स्थल पर नंदोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा तथा छप्पन भोग की भव्य झांकी सजाई जाएगी। आयोजन समिति के अध्यक्ष कालीचरण खंडेलवाल सहित अमित बड़ाया, बद्री जसोरिया, श्याम सुंदर बड़ाया, सीताराम खूंटेटा एवं जुगलकिशोर बटवाड़ा ने धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया।

उमेश गर्ग
9829793705

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