छतरियों की छांव, संस्कारों की राह., वर्द्धमान रूट्स स्कूल में नन्हे कदमों का आत्मीय स्वागत

नवीन शैक्षणिक सत्र का उल्लासपूर्ण शुभारंभ, मुख्य द्वार से शिक्षा के मंदिर तक स्नेह, संस्कार और विश्वास के साथ कराया विद्यालय प्रवेश

ब्यावर: श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति द्वारा संचालित वर्द्धमान रूट्स स्कूल एवं वर्द्धमान स्कूल में बुधवार, 1 जुलाई से नवीन शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ उत्साह, उल्लास और आत्मीयता के साथ किया गया।

विद्यालय ने नन्हे विद्यार्थियों के पहले दिन को यादगार बनाने के लिए एक भावनात्मक और अभिनव पहल की, जिसने बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों का भी मन मोह लिया।

विद्यालय के मुख्य द्वार पर अध्यापिकाओं ने हाथों में रंग-बिरंगी छतरियां थामकर स्नेह की प्रतीक छत्रछाया बनाई। इसी छांव के बीच से नन्हे विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें विद्यालय परिसर में प्रवेश कराया गया।

मुख्य द्वार से शिक्षा के मंदिर तक की यह आत्मीय यात्रा केवल विद्यालय प्रवेश नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ते नए कदमों का प्रतीक बन गई।

इस अवसर पर बच्चों को स्नेहस्वरूप टॉफियां वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया, जिससे उनका पहला दिन और भी आनंदमय बन गया।

वर्द्धमान शिक्षण समिति के मंत्री डॉ. नरेंद्र पारख ने कहा कि हर बच्चे का स्कूल का पहला दिन उसके जीवन की एक नई शुरुआत होता है। हमारा प्रयास केवल बच्चों का स्वागत करना नहीं, बल्कि उनके मन में विद्यालय के प्रति अपनापन, विश्वास और आनंद का भाव जगाना है।
वर्द्धमान परिवार सदैव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों एवं संस्कारों के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं विद्यालय परिवार को नवीन शैक्षणिक सत्र की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

विद्यालय की इस संवेदनशील एवं संस्कारप्रधान पहल की अभिभावकों ने भी मुक्त कंठ से सराहना की।

इस अवसर पर वर्द्धमान स्कूल के प्रिंसिपल अरविन्द नाहर एवं वर्द्धमान रूट्स की प्रिंसिपल श्वेता नाहर के साथ दोनों संस्थाओं के समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

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