महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के स्वास्थ्य केंद्र में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर मंगलवार को विश्वविद्यालय में सेवाएं प्रदान कर रहे चिकित्सकों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर कुलगुरु प्रोफेसर सुरेश कुमार अग्रवाल ने विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों डॉ. चंद्रकांत चतुर्वेदी, डॉ. प्रदीप माथुर, डॉ. अशोक गुप्ता तथा डॉ. नितिन शर्मा को श्रीफल भेंट कर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
अपने उद्बोधन में कुलगुरु प्रोफेसर सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि चिकित्सक वह महान व्यक्तित्व है जो अपने ज्ञान, सेवा और समर्पण के माध्यम से मानव जीवन की रक्षा करता है तथा समाज को स्वस्थ, सुरक्षित और निरोग बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय सेवा केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और संवेदनाओं से जुड़ा हुआ एक पवित्र दायित्व है। सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ चिकित्सक प्रत्येक परिस्थिति में मानव जीवन की रक्षा के लिए निरंतर कार्यरत रहते हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सक वह कार्य करता है जिसे समाज ईश्वर तुल्य सेवा के रूप में देखता है। रोगग्रस्त और पीड़ित व्यक्ति को स्वस्थ एवं जीवन के प्रति आश्वस्त करने का कार्य चिकित्सक अपनी विद्या, अनुभव और समर्पण से करता है। एक चिकित्सक के व्यक्तित्व में उत्कृष्ट व्यावसायिक दक्षता के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं, नैतिक मूल्यों और सेवा भावना का होना भी उतना ही आवश्यक है। चिकित्सकों की निष्ठा, विशेषज्ञता और कर्तव्यपरायणता न केवल लोगों को नया जीवन प्रदान करती है, बल्कि समाज में विश्वास, सुरक्षा और आशा का संचार भी करती है।
कुलगुरु ने कहा कि विश्वविद्यालय की गरिमा और प्रतिष्ठा को आगे बढ़ाने में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा यह अपेक्षा की कि विश्वविद्यालय का स्वास्थ्य केंद्र अध्ययन, सेवा और मानवीय मूल्यों की भावना के साथ उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं प्रदान करते हुए समाज कल्याण के कार्यों में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाता रहेगा। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. राजू शर्मा ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर मेल नर्स जगदीश कच्छावा, सुंदर कुमार, दीपिका रावत, मनीषा सोनी, सूरज रावत, दीपक चौधरी सहित विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।