कोटक बिज़लैब्स और एनएसआरसीईएल ने महिला स्टार्टअप प्रोग्राम के अगले संस्करण की घोषणा की
मुंबई, जुलाई 2026: कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड ने आज कोटक बिज़लैब्स के सहयोग से संचालित एनएसआरसीईएल के महिला स्टार्टअप प्रोग्राम के अगले संस्करण की घोषणा की। यह कार्यक्रम कोटक महिंद्रा बैंक की कॉर्पोरेट सोशल रीस्पोंसिबिलिटी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य महिला उद्यमियों को आईडिया से लेकर व्यवसाय विस्तार तक की पूरी यात्रा में दीर्घकालिक सहयोग प्रदान करना है। कार्यक्रम का विशेष फोकस टियर-2 और टियर-3 शहरों में छिपी महिला उद्यमिता क्षमता को आगे बढ़ाने पर है।
अब तक यह कार्यक्रम 600 से अधिक नई और स्थापित महिला उद्यमियों को मार्गदर्शन, नेटवर्किंग और स्टार्टअप इकोसिस्टम तक पहुंच उपलब्ध करा चुका है। भारत में 2.23 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप होने के बावजूद महिला उद्यमियों को आज भी वित्तीय संसाधनों, ऋण सुविधाओं और अनुभवी मेंटर्स तक सीमित पहुंच जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। गैर-महानगरों में सामाजिक जिम्मेदारियां, विशेषकर परिवार और देखभाल से जुड़ी जिम्मेदारियां, महिलाओं के लिए उद्यमिता को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना देती हैं।
इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए महिला स्टार्टअप प्रोग्राम को पारंपरिक इनक्यूबेशन मॉडल से आगे बढ़ाकर तैयार किया गया है। कार्यक्रम को चार प्रमुख चरणों में विभाजित किया गया है—फाउंडेशन, जहां उद्यमिता की संभावनाओं को समझने का अवसर मिलता है; प्री-इनक्यूबेशन, जिसमें व्यावसायिक विचारों की व्यवहार्यता पर काम किया जाता है; इनक्यूबेशन, जहां स्टार्टअप को विकसित एवं मजबूत बनाया जाता है; तथा स्केल-अप हब, जो व्यवसाय विस्तार, विश्वसनीयता और बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने में सहायता करता है।
कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड के सीएसआर एवं ईएसजी प्रमुख हिमांशु निवसारकर ने कहा, “महिला उद्यमियों के सामने केवल पूंजी की कमी ही चुनौती नहीं होती, बल्कि उनसे भी बड़ी चुनौती एक ऐसे सहयोगी नेटवर्क का अभाव है जो उन्हें लंबे समय तक सही निर्णय लेने में सहायता कर सके। कोटक बिज़लैब्स के अंतर्गत महिला स्टार्टअप प्रोग्राम ऐसा मजबूत नेटवर्क तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो महिलाओं को आवश्यक क्षमता, आत्मविश्वास और निरंतर सहयोग प्रदान करे, ताकि वे उद्यमिता की यात्रा में आगे बढ़ती रहें।”
एनएसआरसीईएल की चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रासिका प्रशांत ने कहा, “भारत में उद्यमिता की अगली लहर विभिन्न क्षेत्रों, भौगोलिक स्थानों और विविध पृष्ठभूमि से आने वाले उद्यमियों के माध्यम से आएगी। विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों की महिला उद्यमी अपने समुदाय की महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान कर रही हैं, लेकिन उन्हें व्यवसाय विस्तार के लिए आवश्यक नेटवर्क और सहयोग नहीं मिल पाता। महिला स्टार्टअप प्रोग्राम के माध्यम से हमारा उद्देश्य मेंटरशिप, बाजार तक पहुंच, आपसी सीख और उद्यमिता इकोसिस्टम से जुड़ाव के जरिए इन कमियों को दूर करना है। कोटक महिंद्रा बैंक के साथ हमारी साझेदारी अधिक से अधिक महिला उद्यमियों को अपने सपनों को सफल और टिकाऊ व्यवसाय में बदलने का अवसर प्रदान करेगी।”
देश के प्रमुख महानगरों से बाहर स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से महिला स्टार्टअप प्रोग्राम गैर-महानगर क्षेत्रों में अपने विस्तार पर विशेष ध्यान दे रहा है। वर्तमान बैच में पुनर्योजी कृषि (Regenerative Agriculture), सामुदायिक शिक्षा, वेस्ट अपसाइक्लिंग और एप्लाइड टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रहे स्टार्टअप शामिल हैं। वर्ष 2025 के बैच में 30 स्टार्टअप्स को कुल 3 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई थी। आगामी संस्करण में भी क्षेत्रीय संस्थानों एवं स्थानीय उद्यमिता इकोसिस्टम के साथ साझेदारी को और मजबूत किया जाएगा।
महिला स्टार्टअप प्रोग्राम का कोटक बिज़लैब्स में एकीकरण, इसे कोटक के प्रमुख उद्यमिता एवं नवाचार मंच के रूप में स्थापित करता है, जिससे विभिन्न प्रकार के उद्यमियों को एक समग्र और सशक्त सहयोग प्रणाली उपलब्ध कराई जा सकेगी।