चिकित्सा संस्थानों एवं छात्रावासों के रखरखाव पर दिया विशेष जोर
अजमेर, 21 जुलाई। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने मंगलवार को चिकित्सा विभाग की व्यवस्थाओं, आधारभूत सुविधाओं एवं चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। कार्यों की समीक्षा के साथ ही अधिकारियों से चर्चा कर जनहित को केन्द्र में रखकर कार्य करने के निर्देश प्रदान किए।
जिला कलक्टर द्वारा जेएलएन चिकित्सालय, जेएलएन मेडिकल कॉलेज, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, औषध नियंत्रण, सार्वजनिक निर्माण विभाग तथा विद्युत प्रभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा की। उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रत्येक मरीज को लाभान्वित करने के निर्देश प्रदान किए। निःशुल्क दवा योजना, निःशुल्क जांच योजना के माध्यम से सभी को लाभान्वित किया जाना चाहिए। मेडिकल कॉलेज, संबद्ध चिकित्सालयों तथा मेडिकल कॉलेज के छात्रावासों में आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव के कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। भवनों, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, जिससे विद्यार्थियों, चिकित्सकों, कर्मचारियों एवं मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि मेडिकल छात्रावासों की मरम्मत आवश्यक रूप से करवाई जानी चाहिए। राजस्थान मेडिकेयर रीलीफ सोसायटी से कार्य होने की स्थिति में आगामी बैठक में तकमीना का अनुमोदन कराएं। तकनीकी कारणों से मरम्मत मेडिकेयर रीलीफ सोसायटी से नहीं हो सकने पर इसके प्रस्ताव तैयार किए जाए। इसे राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा। जेएलएन मेडिकल कॉलेज तथा चिकित्सालय में होने वाले कार्यों की तृतीय पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। यह जांच अजमेर विकास प्राधिकरण अथवा नगर निगम से करवाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक निर्माण विभाग के जर्जर एवं असुरक्षित भवनों पर बारिश के दौरान नजर रखी जाए। इस प्रकार के भवनों को असुरक्षित घोषित कर भूमिदोज करने की कार्यवाही कराएं। इसमें किसी भी प्रकार की जन हानि नहीं होनी चाहिए। ऎसे भवनों में संचालित कार्यालयों एवं संस्थानों को अन्यत्र स्थानान्तरित करें।
उन्होंने कहा कि जिले में निःशुल्क दवा योजना के माध्यम से प्राप्त होने वाली दवाओं के अतिरिक्त स्थानीय स्तर पर आवश्यकतानुसार खरीद की जानी चाहिए। इन दवाओं की गुणवत्ता मानक श्रेणी की हो। इसकी औषध नियंत्रण के द्वारा प्रयोगशाला से जांच होनी चाहिए। जांच में सही पाए जाने पर ही इसका वितरण किया जाए। दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता रहे।
उन्होंने कहा कि राजकीय महिला चिकित्सालय के भवन को भी मरम्मत की आवश्यकता है। वर्तमान में मानसून को देखते हुए छत की मरम्मत पहले की जाए। छत से पानी रिसने तथा टपकने वाले स्थानों का चिह्निकरण कर प्राथमिकता से मरम्मत आरम्भ करें। इसके पश्चात अन्य स्थानों की मरम्मत की जाए। पीजी गल्र्स हॉस्टल में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए।
उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के विद्युत प्रभाग के अधिकारियों को आन्तरिक विद्युत तंत्र को दुरस्त रखने के निर्देश दिए। पूरे तंत्र की लगातार जांच करें। बारिश के कारण शार्ट सर्किट होने की आशंका को रोकने के लिए पूर्व तैयारी करें। हृदय रोग विभाग के पास विद्युत सप्लाई की कमी टाटा पावर तथा एवीवीएनएल के साथ समन्वय रखकर ठीक कराएं। विद्युत व्यवस्था सभी जगह सुचारू रहे।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री नरेन्द्र कुमार मीणा, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया, चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. अरविन्द खरे, महिला चिकित्सालय की अधीक्षक डॉ. पूर्णिमा पचौरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ज्योत्स्ना रंगा, डॉ. जी.सी. मीणा, छात्रवास अधीक्षक डॉ. रामलाल चौधरी, सार्वजनिक निर्माण विभाग विद्युत प्रभाग के अधिशाषी अभियंता श्री सुरेश कुमार मेघवंशी, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता श्री विपिन जिंदल सहित अधिकारी उपस्थित रहे।