*मेरी आवाज़ ही पहचान है/दर्दे दिल दर्दे ज़िगर*

इंडिया इंटरनेशनल म्यूजिक लवर्स सोसाइटी के लगातार 109 वीं स्वरांजली सांस्कृतिक कार्यक्रम में 45 गानें की धूम मची।

अजमेर ।
वैशाली नगर स्थित एक होटल में इंडिया इंटरनेशनल म्यूजिक लवर्स सोसाइटी के डॉक्टर्स के अलावा नए पुराने सदस्यों ने लगातार 109 वीं स्वरांजली सांस्कृतिक कार्यक्रम में बारिश की बूंदों के साथ 45 गानें गाकर नए पुराने नगमों की धूम मचा दी। संस्था अध्यक्ष गोपेंद्र पाल सिंह और डॉ दीपा थदानी ने बताया कि अतिरिक्त महानिदेशक प्रशासन डीएसमान और चिकित्सा प्रभारी डॉ. लॉरेंस बैंडो कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के सामूहिक गान के साथ हुआ । इसके पश्चात सदस्यों ने
जुलाई माह के कलाकारों की फिल्मों के गीत गाकर मोहम्मद रफी, मुकेश, मदन मोहन, सुलक्षणा पंडित, राजकुमार व संजीव कुमार को स्वरांजली दी ।

एकल गानों में महिला सदस्यों कुमकुम जैन आपके हसीन रुख पे , डॉ दीपा थदानी तेरी प्यारी प्यारी सूरत, दीपा परवानी तेरी गलियों में ना रखेंगे कदम, सत्य प्रभा मैं पल दो पल का शायर
गोपेंद्र पाल सिंह जाने कहां गए वो दिन
डॉ जय सिंह मीना न झटकों जुल्फ से पानी
डॉ एन के माथुर रंग और नूर की बारात
एन भार्गव तौबा ये मतवाली चाल रविंद्र माथुर रुक जाओ जाने वाले ,डॉ महेश मेहता मैं पल दो पल का शायर हूं, संजीव शर्मा तू इस तरह से,
रविंद्र जोधावत पुकारता चला हूं मैं, मनोहर गोकलानी तुम आ गए हो नूर , नॉबर्ट ने दर्दे दिल दर्दे ज़िगर डॉ. शिम्भु कच्छावा तुम मुझे यूं भुला न पाओगे, शरद शर्मा माई रे माई कैसे कहूं ( मेल वॉइस) मुकेश कोली आया रे खिलौने वाला,
डालचंद सवासिया मेरे मन की गंगा
शौकत अली गम उठाने के लिए मैं तो जिये
शकील खान पत्थर के सनम तुझे हमने

युगल गीतों में युधिष्ठिर चौहान/ प्रेमलता चौहान*: जो वादा किया वो और इस इश्क ए मोहब्बत की
, पूनम मिश्रा शरद शर्मा तेरे बिना जिंदगी से कोई और के.आर. गुनरात हवा के साथ साथ
मीना कंजानी हेम सिंह वर्मा दीवाना हुआ बादल डॉ लाल थदानी के साथ दिल ढूंढता है फिर
हेम सिंह के.आर.गुनरात बने चाहे दुश्मन जमाना
हामिद खान खलील अहमद यम्मा यम्मा यम्मा
हामिद खान / पूजा जायसवाल जे हम तुम चोरी से बंधे एक डोरी से

तीसरे सत्र में फिर एकल गीतों का दौर चला
लक्ष्मण हरजानी बार-बार देखो
अरुण गुप्ता ओ रे ताल मिले नदी के जल में
नरेंद्र यादव मैं कहीं कवि ना बन जाऊं
उमेश चंदनानी* ये रेशमी जुल्फें ये शरबती आंखें

सुरेंद्र उदावत गुलाबी आंखें जो तेरी देखी गीत को सेक्सोफोन पर गाकर प्रभावित किया । कार्यक्रम का समापन डॉक्टर बंदो द्वारा एक दिन बिक जाएगा को सभी सदस्यों ने आवाज देकर यादगार बना दिया । अंत में डॉ महेश मेहता कि इस माह में सेवानिवृत्ति पर उन्हें बधाई देते हुए शुभकामनाएं प्रेषित की

डॉ लाल थदानी संस्थापक
8005529714

Leave a Comment

This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

error: Content is protected !!