भारतीय साड़ियों की समृद्ध परंपरा, विविधता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संस्था ‘इंडियन ट्रेलब्लेज़र’ की ओर से 22 अगस्त को ‘साड़ी वियर कॉम्पिटिशन’ का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता का पोस्टर शनिवार को निर्माण नगर स्थित मातृछाया में आयोजित प्रथम ग्रूमिंग सेशन के दौरान प्रतिभागियों द्वारा विमोचित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीराम की वंदना और रामधुन भजनों के साथ हुई। इस दौरान प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भजनों में भाग लिया और प्रतियोगिता के पोस्टर का अनावरण किया। आयोजन का समन्वय संस्था की आइकन शांति भटनागर ने किया।
संस्था के निदेशक एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. नीरज माथुर ने बताया कि प्रतियोगिता की थीम ‘योर साड़ी, योर आइडेंटिटी, योर स्टाइल, योर एक्सपीरियंस’ रखी गई है। इसका उद्देश्य भारतीय साड़ियों की सांस्कृतिक समृद्धि, पारंपरिक शिल्पकला और महिलाओं की व्यक्तिगत शैली को एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में 25 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं भाग ले सकेंगी।
ग्रूमिंग सेशन के दौरान डॉ. चंद्रकला अग्रवाल ने प्रतिभागियों को महिला स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली, आत्मविश्वास और सकारात्मक व्यक्तित्व के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता का आयोजन पोद्दार इंटरनेशनल कॉलेज में किया जाएगा। इसमें प्रतिभागियों का मूल्यांकन उनकी साड़ी की प्रस्तुति, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और मंच पर प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। विजेता प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।
डॉ. नीरज माथुर ने कहा कि भारत के प्रत्येक राज्य की अपनी विशिष्ट साड़ी परंपरा है, जो देश की सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक है। इस आयोजन के माध्यम से महिलाओं को अपनी पारंपरिक विरासत को गर्व के साथ प्रस्तुत करने और भारतीय संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलेगा।