मच्छर जनित एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए जिले में स्वास्थ्य दल आपके द्वार अभियान आरम्भ

शहरी क्षेत्रों में 1,070 आशा सहयोगिनियों एवं एएनएम टीमों का घर-घर सर्वे

लार्वा नियंत्रण हेतु गप्पी और गेंबूशिया मछलियों का वितरण शुरू

अजमेर, 5 अगस्त। मच्छर जनित रोगों एवं मौसमी बीमारियों की समय पर रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण हेतु जिला प्रशासन के निर्देशों के क्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा मंगलवार से जिले के विभिन्न शहरी व ग्रामीण ब्लॉकों में स्वास्थ्य दल आपके द्वार विशेष सर्वे अभियान का शुभारंभ किया गया।

अभियान के तहत शहरी क्षेत्रों में 1,070 आशा सहयोगिनियों एवं एएनएम की टीमों को घर-घर सर्वेक्षण कार्य के लिए तैनात किया गया है। यह दल आमजन के घरों में रखे कूलरपानी की टंकियोंगमलों व कबाड़ में ठहरे पानी की जांच कर मच्छर का लार्वा नष्ट करवा रहा है। इसके साथ ही बुखारउल्टी-दस्तडेंगू एवं मलेरिया के संभावित लक्षणों वाले रोगियों की पहचान कर उन्हें तुरंत उपचार हेतु संदर्भित किया जा रहा है। आमजन को सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाने तथा कहीं भी जलभराव न होने देने के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ज्योत्स्ना रंगा ने बताया कि स्वास्थ्य दल पूरी मुस्तैदी से मैदान में कार्य कर रहा है। सर्वे से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर चिह्वित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में नगर निगम द्वारा फॉगिंग तथा चिकित्सा विभाग द्वारा एंटीलार्वा गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उप निदेशक (स्वास्थ्य) अजमेर जोन डॉ. संपत सिंह जोधा ने बीमारियों के फैलाव को प्रारंभिक स्तर पर ही रोकने के लिए आमजन से सर्वे टीमों को पूर्ण सहयोग देने की अपील की है।

उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामस्वरूप किराडिया ने बताया कि डेंगूमलेरिया व चिकनगुनिया से बचाव हेतु घर-घर सर्वे के साथ रसायन मुक्तपर्यावरण अनुकूल एवं लागत प्रभावी जैविक नियंत्रण तकनीक अपनाई जा रही है। जिला व ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों पर मानव निर्मित हैचरी स्थापित कर लार्वाभक्षी गप्पी और गेंबूशिया मछलियों को रखा गया हैजिन्हें चरणबद्ध तरीके से जिले के सभी तालाबोंबड़े जलस्रोतों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में छोड़ा जा रहा है।

अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सीएमएचओ अजमेर द्वारा जिले के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रोंप्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रोंशहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के चिकित्सा अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थानों की ओपीडी में एडीज मच्छर के लार्वा का प्रदर्शन कर आमजन को जागरूक किया जा रहा है। वहींफील्ड स्टाफ द्वारा सोर्स रिडक्शनलार्विसाइड छिड़कावनालियों में एमएलओ तथा साफ पानी में टेमीफ़ोस डालने की एंटी-लार्वा गतिविधियां निरंतर संचालित की जा रही हैं।

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