अजमेर 24 अगस्त। सिंधुपति महाराजा दाहरसेन की 1357वी जयंती के सात दिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंखला में सोमवार को हरिभाऊ उपाध्याय विस्तार स्थित दाहरसेन स्मारक पर दीपदान का आयोजन किया गया।
सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने कहा कि महाराजा दाहरसेन की वीरता व बलिदान का अनूठा मिसाल दुनिया में कहीं देखने को नहीं मिलेगा। जिसमें महाराजा के बलिदान के बाद, महारानी लाडी ब्ाई का जोहर व दोनों पुत्रियों सूर्यकुमारी व परमल ने अपने पिता का बदला लेने के बाद आत्मोसर्ग कर दिया। आज यह स्मारक अन्य महापुरूषों की मूर्तियों की स्थापना से राष्ट्र भक्ति की प्रेरणा का केन्द्र है और अजमेर में आने वाले पर्यटक व श्रृद्धालु स्मारक भ्रमण भी करते हैं।
इससे पूर्व सभी कार्यकर्ताओं ने भारत माता की जय…, महाराजा दाहरसेन अमर रहे अमर रहे….. जैसे गगनभेदी नारो से माहौल देशभक्ति का कर दिया।
इससे पूर्व समिति के विनीत लोहिया, कवंल प्रकाश किशनानी, महेश टेकचंदाणी, अजय कपूर, शैलेन्द्र सिंह परमार, प्रकाश जेठरा, पुरूषोतम तेजवाणी, रमेश एच लालवानी, चन्द्रभान प्रजापति, कमलेश शर्मा, राम सिंह दाबाई सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।
जयंती समारोह सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन विकास व समारोह समिति के साथ नगर निगम, अजमेर विकास प्राधिकरण, पर्यटन विभाग, भारतीय सिन्धु सभा, सिन्धु साहित्य एवं इतिहास शोध संस्थान अजमेर, भारतीय इतिहास संकलन समिति का सहयोग रहता है।
कल के कार्यक्रम: हिंगलाज माता पूजन, श्रृद्धासुमन व संकल्प दिवस
सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन के 1357वें जयन्ती के अवसर पर मंगलवार 25 अगस्त 2026 को प्रातः 8.30 बजे से स्मारक पर हिंगलाज माता पूजन, महाराजा दाहरेसन को श्रद्धासुमन अर्पण व संकल्प दिवस के रूप में आयोजन किये जायेगें।
कवंल प्रकाश किशनानी,
9829070059