हैंड्स-ऑन सिमुलेशन ट्रेनिंग और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में सत्रों के माध्यम से चिकित्सा विशेषज्ञों को जटिल बाल चिकित्सा आपात स्थितियों के प्रबंधन की उन्नत तकनीकों से किया गया प्रशिक्षित
जयपुर, 24 अगस्त 2026: फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर में आज 6वीं विशेष पीडियाट्रिक एयरवे सीड वर्कशॉप का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस एक दिवसीय कार्यशाला में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और उन्नत पीडियाट्रिक एयरवे मैनेजमेंट पर केंद्रित गहन अकादमिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर के डिपार्टमेंट ऑफ एनेस्थीसियोलॉजी एंड पेन मैनेजमेंट द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन एयरवे मैनेजमेंट फाउंडेशन (एएमएफ) के अकादमिक सहयोग तथा जयपुर सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स (जेएसए) के सहयोग से किया गया। कार्यशाला में 70 से अधिक मेडिकल डेलीगेट्स ने हैंड्स-ऑन सिमुलेशन ट्रेनिंग में भाग लिया।वोर्क्शोप के मुख्या अतिथि पदमश्री डॉ माया टंडन एवं विशिष्ट अतिथि एस पी शर्मा रहें ।
एक दिवसीय कार्यक्रम में बाल चिकित्सा एयरवे आपात स्थितियों से जुड़ी व्यावहारिक एवं क्लिनिकल चुनौतियों पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों के लिए पीडियाट्रिक एयरवे से संबंधित अकादमिक सत्र, नवीनतम एयरवे मैनेजमेंट उपकरणों के साथ मैनिकिन आधारित हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग तथा जटिल पीडियाट्रिक एयरवे परिस्थितियों पर इंटरैक्टिव केस डिस्कशन आयोजित किए गए।
वर्कशॉप में एयरवे मैनेजमेंट फाउंडेशन और जयपुर सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स से जुड़े वरिष्ठ विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिनमें डॉ. शक्ति दत्त शर्मा, (एएमएफ); डॉ. सुनील कुमार, सेक्रेटरी, (एएमएफ); डॉ. राजीव लोचन तिवारी, ऑर्गनाइजिंग प्रेसिडेंट; डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, प्रेसिडेंट, (जेएसए); डॉ. रितु शर्मा, ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी; डॉ. ज्योत्सना भार्गव, को-ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी; और डॉ. अखिल अग्रवाल, सेक्रेटरी, (जे एस ए) शामिल रहे।
कार्यशाला के अवसर पर डॉ. राजीव लोचन तिवारी, ऑर्गनाइजिंग प्रेसिडेंट एवं डायरेक्टर – डिपार्टमेंट ऑफ एनेस्थीसिया, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर ने कहा, “पीडियाट्रिक एयरवे मैनेजमेंट के लिए उच्च स्तर की तैयारी और व्यवस्थित दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है। हैंड्स-ऑन वर्कशॉप स्वास्थ्य विशेषज्ञों को महत्वपूर्ण तकनीकों का अभ्यास करने, विशेष उपकरणों के उपयोग में दक्षता हासिल करने और जटिल क्लिनिकल परिस्थितियों पर चर्चा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती हैं, ताकि वास्तविक परिस्थितियों का सामना करने से पहले वे पूरी तरह तैयार रह सकें।”
डॉ. सुनील कुमार, सेक्रेटरी, एएमएफ ने कहा, “पीडियाट्रिक एयरवे आपात स्थितियों में समय पर आकलन और सटीक क्लिनिकल निर्णय लेना बेहद महत्वपूर्ण है। संरचित सिमुलेशन ट्रेनिंग के माध्यम से निरंतर चिकित्सा शिक्षा यह सुनिश्चित करती है कि गंभीर परिस्थितियों के प्रबंधन के दौरान चिकित्सा विशेषज्ञ आत्मविश्वास के साथ प्रभावी निर्णय ले सकें।”
डॉ. मनीष कुमार अग्रवाल, फैसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर ने कहा, “फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल सभी क्लिनिकल स्पेशियलिटीज में निरंतर प्रोफेशनल लर्निंग और मरीजों की सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। पीडियाट्रिक एयरवे सीड वर्कशॉप जैसे केंद्रित अकादमिक कार्यक्रम हमारी मेडिकल कम्युनिटी को महत्वपूर्ण व्यावहारिक विशेषज्ञता प्रदान करते हैं, जिसका अंतिम उद्देश्य हमारे बाल मरीजों के लिए क्रिटिकल केयर परिणामों को बेहतर बनाना है।”