अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने RCDF एमडी श्रुती भारद्वाज के खिलाफ खोला मोर्चा

सरस को डुबोने का आरोप: अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने RCDF एमडी श्रुती भारद्वाज के खिलाफ खोला मोर्चा, सीएम से की सेवा विस्तार रोकने की मांग
जयपुर/अजमेर।
राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) की प्रबंध संचालक (एमडी) श्रुती भारद्वाज के खिलाफ अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने कड़ा मोर्चा खोल दिया है। रामचन्द्र चौधरी ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और वित्त सचिव को एक सख्त पत्र लिखकर आरसीडीएफ एमडी पर घोर प्रशासनिक, वित्तीय अनियमितताओं और तानाशाही रवैये के गंभीर आरोप लगाए हैं। चौधरी ने सरकार से स्पष्ट मांग की है कि वर्तमान एमडी को किसी भी परिस्थिति में सेवा विस्तार (Extension) न दिया जाए, अन्यथा ‘सरस’ ब्रांड और प्रदेश के लाखों पशुपालक पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे।
अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी द्वारा लिखे गए पत्र में एमडी पर लगाए गए पूरे 11 गंभीर आरोप इस प्रकार हैं:
1. पशु आहार के दामों में विसंगति: भारत सरकार द्वारा पशु आहार के कच्चे माल एवं GST की दरों में कटौती करने के कारण पूरे देश में इसके दाम कम हुए हैं। किंतु, राजस्थान में एमडी की कुनीतियों के कारण पशु आहार के भाव ऐतिहासिक रूप से सर्वोच्च स्तर पर हैं, जो सीधे तौर पर गरीब पशुपालकों का आर्थिक शोषण है।
2. ठेकेदारों से मिलीभगत और अपारदर्शिता: पशु आहार का वितरण कभी नियमित नहीं रहा। कच्चा माल सप्लाई करने वाले ठेकेदारों के साथ मिलकर की गई खरीद प्रक्रिया में घोर अपारदर्शिता और सांठगांठ स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
3. कृत्रिम लाभ दिखाकर FD बनाना: पशुपालकों का शोषण करके पशु आहार के उत्पादन से प्राप्त अनुचित लाभ को RCDF के खाते में फिक्स डिपॉजिट (FD) के रूप में जमा कर एमडी द्वारा अपनी झूठी वाहवाही लूटी जा रही है।
4. प्रतिस्पर्धी संस्थाओं को अनुचित लाभ व चहेतों की नियुक्ति: एमडी के कार्यकाल में अमूल (Amul) एवं मदर डेयरी (Mother Dairy) का जबरदस्त विस्तार हुआ है, जबकि सरस का संकलन और विपणन विगत वर्षों की तुलना में भारी गिरावट का शिकार है। जिला दुग्ध संघों में योग्य टेक्नोक्रेट (Technocrat) की जगह पसंदीदा बाबुओं को MD लगाकर संस्था को अपनी आय का साधन बना लिया है।
5. दिल्ली विपणन व्यवस्था में पूर्ण विफलता: दिल्ली जैसे महत्वपूर्ण बाजार में सरस दुग्ध उत्पादों के विपणन में रत्तीभर भी वृद्धि नहीं हुई है। उलटा, राजस्थान में अमूल और मदर डेयरी के प्लांट लग रहे हैं, जो सरस ब्रांड के साथ घोर अन्याय है।
6. 3000 पद खाली और प्रशासनिक लापरवाही: वर्तमान में RCDF और विभिन्न जिला संघों में लगभग 3000 पद खाली पड़े हैं। एक भी नए कर्मचारी की भर्ती नहीं की गई है, और मात्र 20% स्थायी कर्मचारियों के भरोसे पूरा काम घसीटा जा रहा है।
7. गुणवत्ता में भारी अवनति: भारी मात्रा में रिक्त पदों और प्रशासनिक लापरवाही के चलते सरस के दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता में भारी गिरावट आई है। यह स्थिति ब्रांड को पूर्ण अवनति की ओर ले जा रही है।
8. बजट आवंटन में खुला पक्षपात: विभिन्न जिला संघों के बीच बजट आवंटन में जानबूझकर दुर्भावनापूर्ण पक्षपात किया गया है।
9. लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हनन: RCDF के संचालक मंडल के चुनाव नहीं करवाए गए हैं, और एमडी स्वयं ही प्रशासक एवं प्रबन्ध संचालक बनकर तानाशाही रवैये से काबिज हैं।
10. अध्यक्षों का अपमान और AGM नहीं बुलाना: विभिन्न जिला संघों के निर्वाचित अध्यक्षों द्वारा लिखित नोटिस देने के बावजूद आमसभा (AGM) की एक भी बैठक नहीं बुलाई गई। उलटा, जिला संघों के अध्यक्षों के साथ अप्रजातांत्रिक और अपमानजनक व्यवहार किया जाता है।
11. जन-कल्याणकारी योजनाओं में विफलता: ‘मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना’ की 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान राशि दुग्ध उत्पादकों को कभी समय पर नहीं दी गई। इसी प्रकार, मिड-डे मील (Mid-day Meal) की करोड़ों की राशि का भुगतान भी पिछले एक वर्ष से लंबित पड़ा हुआ है।
अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने राज्य सरकार से कड़े शब्दों में आग्रह किया है कि इन 11 गंभीर अनियमितताओं और मनमानी को देखते हुए, RCDF को पूर्ण रूप से गर्त में जाने से बचाने के लिए एमडी श्रुती भारद्वाज को किसी भी सूरत में सेवा विस्तार न दिया जाए।

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